
छतरपुर। संजय अवस्थी।
जिले के सटई थाना अंतर्गत छापर गांव में अनुसूचित जाति के दूल्हे को घोड़े पर बैठना महंगा पड़ गया।दरअसल दूल्हा राजेश अहिरवार बारात जाने के पहले मंदिर में चढ़ावा चढ़ाने के लिए घोड़े पर सवार होकर गया था और गांव के दबंगो को मुहल्ले से घोड़े पर दूल्हे का निकलना नागवार गुजरा और इसी बात को लेकर गांव के 4 दबंगों ने दूल्हे को घोड़े से पटकना चाहा और दूल्हे व उसके घर वालों की गाली गलौज कर डाली साथ ही घोड़े वाले के साथ भी मारपीट की,मामले की शिकायत दूल्हे के परिजनों ने सटई थाने में की और अब पुलिस ने 4 आरोपियों के खिलाफ मामला किया दर्ज कर जांच प्रारम्भ कर दी है।
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

