छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। मकर संक्रांति से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की है। 11 जनवरी 2026 को राज्य कर्मचारी संघ के आठवें प्रदेश अधिवेशन में यह घोषणा की गई है।
कर्मचारियों की मांगों को लेकर बनाई जाएगी कमेटी
मुख्यमंत्री कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों को वास्तविक राहत प्रदान करेगा। यह निर्णय राज्य सरकार की कर्मचारी-हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं। उनकी ईमानदारी, कर्मठता व संवेदनशीलता से ही सरकार की योजनाएं, नीतियां और निर्णय धरातल पर उतरते हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की तरफ से पांच सूत्रीय मांगें रखी गई हैं। इन मांगों को लेकर एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की जाएगी और फिर उन्हें पूरा किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को मिलेगा केंद्र के समान महंगाई भत्ता
- वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत आने वाले छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलता है। 3 प्रतिशत की वृद्धि के बाद यह 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा। इस निर्णय के साथ ही अब राज्य के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर ही महंगाई भत्ता मिलेगा।
- इससे प्रदेश के करीब 5 लाख सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। नई दरें कब से लागू होंगी, यह अभी तय नहीं है। इसकी विस्तृत जानकारी वित्त विभाग द्वारा आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही पता लग पाएगी। इससे पहले अगस्त 2025 में महंगाई भत्ते में 2 फीसदी वृद्धि की गई थी जिसके बाद महंगाई भत्ता 53 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो गया था।
2 साल में सरकार ने कर्मचारियों के हित में लिए हैं कई फैसले
- मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को पारदर्शी व कर्मचारी अनुकूल बनाया। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन तंत्र को मजबूती मिली है।
- उन्होंने बताया कि पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना कर तथा पेंशन फंड विधेयक को विधानसभा से पारित किया गया। ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता को सशक्त बनाया गया है।
साल में 2 बार बढ़ता है महंगाई भत्ता
- गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा साल में 2 बार ( जनवरी/जुलाई) केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दरों में संशोधन किया जाता है। यह दरें अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करती है जो जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते हैं। केंद्र की घोषणा के बाद राज्य सरकार अपने राज्य के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाती है।
- महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।





