बलरामपुर: प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार को लेकर राजनीतिक घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। बलरामपुर जिले के खजुरी पंचायत अंतर्गत तुर्रीपनी गांव में लगभग तीन एकड़ जमीन पर बड़े पैमाने पर हो रही अफीम की खेती का भंडाफोड़ हुआ है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर फसल को जब्त कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
इस घटना के सामने आने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सरकार और प्रशासन को घेरा है। उन्होंने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए प्रशासनिक विफलता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लगातार ऐसी खबरें आना गंभीर चिंता का विषय है।
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प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि तुर्रीपनी गांव में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित फसल उगाई जा रही है। मौके पर पहुंचने पर टीम ने पाया कि करीब ढाई से तीन एकड़ के विशाल भूभाग पर अफीम के पौधे लहलहा रहे थे। पौधों पर लगे डोडे पूरी तरह पक चुके थे और उन पर चीरा भी लगाया गया था, जिससे स्पष्ट होता है कि अफीम का दूध (लेटेक्स) निकालने की तैयारी चल रही थी।
“ग्राम पंचायत खजुरी के तुर्रीपनी में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की खबर चिंताजनक है… यह मामला केवल लापरवाही का नहीं बल्कि कहीं न कहीं मिलीभगत की आशंका भी पैदा करता है।”- टीएस सिंहदेव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता
जांच में यह बात सामने आई है कि जिस जमीन पर यह खेती हो रही थी, वह एक स्थानीय आदिवासी किसान की है। बताया जा रहा है कि इस जमीन को झारखंड के एक व्यक्ति ने लीज पर लिया था। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है, जिसमें जमीन मालिक और लीज लेने वाले व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल भी शामिल है।
सिंहदेव ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
टीएस सिंहदेव ने अपनी पोस्ट में सवाल किया कि जब प्रशासन के पास साल भर बोई जाने वाली फसलों का पूरा रिकॉर्ड होता है, तो इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती कैसे होती रही और किसी को भनक तक नहीं लगी। उन्होंने इसे सिर्फ लापरवाही का मामला मानने से इनकार करते हुए इसमें मिलीभगत की गहरी आशंका जताई है। सिंहदेव ने राज्य सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। फिलहाल, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने पूरी फसल को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।