छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को दावा किया कि नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से नक्सलवाद के खात्मे का जो संकल्प लिया है। वह निश्चित रूप से पूरा होगा।
सीएम साय ने कहा, “लगातार डेढ़ साल से हमारे सुरक्षाबल मजबूती से नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। डबल इंजन की सरकार के कारण यह लड़ाई और भी प्रभावी हुई है।” उन्होंने दावा किया कि माओवाद की कमर टूट चुकी है। अब उसका अंत तय है।
अबूझमाड़ में घुसकर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाकों में घुसकर सफलतापूर्वक अभियान चलाया है। हाल ही में माओवादी पोलित ब्यूरो के एक बड़े कमांडर को भी ढेर किया गया है। साथ ही कई अन्य वरिष्ठ नक्सली नेताओं को भी सुरक्षाबलों ने मार गिराया है।
15 सौ से अधिक नक्सलियों ने किया सरेंडर
राज्य सरकार के अनुसार, पिछले डेढ़ सालों में 1521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और वे अब मुख्यधारा में लौट आए हैं। इन्हें सरकार की सरेंडर पॉलिसी के तहत लाभ भी दिया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर से नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 की डेडलाइन तय की है। इस दिशा में वे लगातार छत्तीसगढ़ की समीक्षा कर रहे हैं।
गृहमंत्री का सपना पूरा होगा
कई बार राज्य का दौरा कर चुके अमित शाह बस्तर जैसे संवेदनशील इलाकों में भी जाकर सुरक्षाबलों से मुलाकात कर चुके हैं।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गृह मंत्री का यह सपना जरूर पूरा होगा। सुरक्षाबल जोश और जज़्बे के साथ लड़ रहे हैं। माओवाद अब अपने अंतिम चरण में है।





