लंबे समय से प्रतीक्षित छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल के आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिसमें कुल तीस अधिकारियों और कर्मचारियों को नई पदस्थापना मिली है। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग ने सोमवार को देर शाम इन तबादला आदेशों को जारी करते हुए प्रदेश भर में आबकारी व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत की है। इन आदेशों के तत्काल प्रभाव से लागू होने के बाद अब जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आयुक्त, उड़नदस्ता अधिकारी, उप निरीक्षक सहित कई अन्य अधिकारी अपने नए कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी संभालेंगे।
इस व्यापक फेरबदल का सीधा असर राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कोरबा, कबीरधाम, सक्ती, बलरामपुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-गंडई-छुईखदान जैसे अनेक जिलों की आबकारी व्यवस्था पर देखने को मिलेगा। विभाग द्वारा जारी इस सूची में कई प्रमुख अधिकारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा गया है, जिससे इन जिलों की आबकारी कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा और दक्षता लाने की उम्मीद की जा रही है।
रायपुर आबकारी विभाग की कमान प्रवीण वर्मा को
राजधानी रायपुर की आबकारी व्यवस्था की कमान में भी बड़ा बदलाव किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, सहायक आयुक्त आबकारी प्रवीण वर्मा को अब प्रभारी उपायुक्त आबकारी रायपुर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, रायपुर में अब तक कार्यवाहक उपायुक्त आबकारी के पद पर कार्यरत राजेश कुमार शर्मा को स्थानांतरित कर राजनांदगांव जिले में नई भूमिका दी गई है। इसके अतिरिक्त, स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन में अपनी सेवाएं दे रहीं सविता रानी मेघराम को भी कार्यवाहक उपायुक्त आबकारी रायपुर के पद पर नियुक्त किया गया है, जो कि रायपुर की आबकारी व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
रत्नेश मरावी बने सक्ती के जिला आबकारी अधिकारी
जिला आबकारी अधिकारियों की पदस्थापना में भी एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। आदेश के तहत, बस्तर संभागीय उडनदस्ता में तैनात रत्नेश मरावी को अब सक्ती जिले का जिला आबकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में, सीआर साहू को खैरागढ़-गंडई-छुईखदान जिले का प्रभार सौंपा गया है, जबकि पलक नंद को बालोद जिले की कमान मिली है। शशांक कुमार को बलरामपुर-रामानुजगंज और रोहित देवांगन को धमतरी जिले का जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है। इन सभी अधिकारियों से उनके नए कार्यस्थलों पर तत्काल प्रभाव से पदभार ग्रहण करने की अपेक्षा की गई है।
आबकारी विभाग में हुए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को सरकार की ओर से प्रशासनिक कसावट लाने की एक महत्वपूर्ण कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। आगामी समय में, इस फेरबदल के परिणाम स्वरूप अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण पाने, राजस्व संग्रहण में वृद्धि करने और प्रवर्तन कार्रवाइयों को तेज करने के लिए विभाग की नई रणनीतियां सामने आ सकती हैं। यह कदम प्रदेश में शराब से जुड़े अपराधों पर लगाम लगाने और आबकारी राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक निर्णायक पहल साबित हो सकता है।









