हरियाणा के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। नायब सैनी सरकार ने राज्य में नई ऑनलाइन तबादला नीति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे अब तबादलों में पारदर्शिता और कर्मचारियों को राहत मिलेगी। सोमवार को लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में कुल 15 एजेंडे रखे गए थे, जिनमें से 14 को स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि सबसे पहला एजेंडा मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी और टीचर्स ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को ही मंजूरी देना था। यह नीतियां पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की टिप्पणियों और समय-समय पर आने वाले सुझावों के आधार पर तैयार की गई हैं।
नई नीतियों के तहत, कर्मचारियों के तबादलों के लिए अब 120 अंकों के कंपोजिट स्कोरिंग फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें कर्मचारियों की रैंकिंग उनकी आयु को 25 प्रतिशत, कैडर में उनके अनुभव को 25 प्रतिशत और अन्य विशेष कारकों को 50 प्रतिशत वेटेज देकर तय की जाएगी। इसके साथ ही, उन मामलों में जहां पति-पत्नी दोनों कार्यरत हैं, उन्हें मिलने वाले मेरिट अंक 5 से बढ़ाकर 10 करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दिखा दी गई है। मंत्रिमंडल ने मानव संसाधन विभाग को MOTP 2026 के तहत पहली ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की भी मंजूरी दी है। ये निर्देश विशेष रूप से राष्ट्रीय श्रेणी और उन कैडर के लिए होंगे, जहां वर्तमान ड्यूटी चार्ज की व्यवस्था लागू है।
70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले शिक्षक संरक्षित श्रेणी में होंगे शामिल
नई तबादला नीति में दिव्यांग और सेवानिवृत्ति के करीब शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले शिक्षकों को संरक्षित श्रेणी में शामिल किया जाएगा। पहले जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 12 महीने शेष रहते थे, उन्हें छूट मिलती थी, अब इस अवधि को बढ़ाकर 18 महीने कर दिया गया है। इसका मतलब है कि सेवानिवृत्ति के अंतिम डेढ़ वर्ष में तबादले का दबाव काफी हद तक कम हो सकेगा। जो शिक्षक अकेले अपने बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, यानी सिंगल पेरेंट हैं, उन्हें 10 अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। हालांकि, पुरुष शिक्षकों को नाबालिग बच्चे या अविवाहित बेटियों के आधार पर कोई अतिरिक्त अंक नहीं मिलेगा। महिला शिक्षक, विधवा, तलाकशुदा, न्यायिक रूप से अलग रह रही महिलाएं, सिंगल पेरेंट, गंभीर बीमारी से प्रभावित शिक्षक, दिव्यांग शिक्षक, दिव्यांग बच्चों के अभिभावक, सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों के जीवनसाथी जैसी विशेष श्रेणियों को सबसे ज्यादा वेटेज दिया जाएगा। इनमें अधिकांश श्रेणियों को 10-10 अंक देने का प्रस्ताव है। विशेष रूप से सिंगल पेरेंट शिक्षकों को अतिरिक्त राहत देने की व्यवस्था की गई है। कुल 120 अंकों में से अधिकतम 25 प्रतिशत अंक आयु के लिए, 25 प्रतिशत अंक कैडर अनुभव के लिए और 50 अंक विशेष परिस्थितियों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसका मतलब है कि आधी रैंकिंग विशेष श्रेणी पर आधारित होगी, जबकि शेष अंक उम्र व अनुभव से मिलेंगे। इससे लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को अधिक संतुलित अवसर मिल सकेंगे।
बैठक में इन फैसलों को भी दी गई स्वीकृति
शिक्षकों की तबादला नीति के अलावा, मंत्रिमंडल ने कई अन्य महत्वपूर्ण एजेंडों पर भी मुहर लगाई है। मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने दयालु योजना के चरण 1 में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी है। अब क्लेम प्रस्तुत करने की समय सीमा को 3 महीने से बढ़ाकर 6 महीने कर दिया गया है। आज तक दायर क्लेम के लिए पूर्वव्यापी छूट की अवधि को भी 3 महीने से बढ़ाकर मृत्यु अथवा दिव्यांगता की तिथि से 6 महीने तक किया जाएगा। 6 महीने से अधिक और 7 महीने तक की देरी के लिए हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अधिकृत किया गया है। 7 महीने से अधिक और 9 महीने तक की देरी के लिए वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव निर्णय लेंगे, जबकि 9 महीने से अधिक और 12 महीने तक की देरी के लिए मामला वित्त मंत्री के पास आएगा।
एनसीआर जिलों में पुराने BS-4 वाहनों को बदलने पर टैक्स छूट को मंजूरी
सीएम नायब सैनी ने यह भी जानकारी दी कि एनसीआर जिलों में BS-4 या उससे पुराने मानकों वाले ट्रकों और बसों को बदलने पर मोटर वाहन कर में छूट के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। ‘नया सफर योजना’ के तहत नए BS-6 या उससे कड़े मानकों वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और सीएनजी ट्रकों व बसों की खरीद पर पात्र लाभार्थियों को 100% मोटर वाहन कर में छूट दी जाएगी। इन्हीं मानकों वाले पुराने या इस्तेमाल किए हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल और सीएनजी ट्रकों व बसों की खरीद पर भी पात्र लाभार्थियों को 50% मोटर वाहन कर में छूट मिलेगी। दोनों ही मामलों में यह छूट 10 साल की अवधि के लिए मान्य होगी और योजना के तहत खरीदे गए नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रजिस्ट्रेशन फीस भी माफ की जाएगी।
हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम 2026 को मंजूरी
सीएम सैनी ने बताया कि हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम 2026 को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत नर्सरियों के लिए न्यूनतम गुणवत्ता मानक निर्धारित किए गए हैं और रिकॉर्ड प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था लागू की गई है। अब नर्सरियों द्वारा बेची जाने वाली पौध सामग्री पर क्यूआर कोड आधारित ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने हरियाणा नगर पालिका संशोधन अध्यादेश 2026 और हरियाणा नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी है। इस फैसले से अब स्लॉटर हाउस और मीट की दुकानों को नगर पालिका या नगर निगम से अलग व्यापार लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे दोहरी लाइसेंस की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। सीएम नायब सैनी ने यह भी जानकारी दी कि हरियाणा राज्य महिला आयोग अध्यादेश में संशोधन को मंजूरी मिली है। आयोग में गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 कर दी गई है। सीएम नायब सैनी ने बताया कि जल प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण संशोधन अधिनियम 2024 को अपनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे हरियाणा में जल प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कानून को अधिक प्रभावी, आधुनिक और व्यावहारिक बनाया जाएगा। यह संशोधन ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’, ‘इज ऑफ लिविंग’ और भरोसे पर आधारित सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






