छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि जो लोग बस्तर में बच्चों और शिक्षकों की हत्या कर रहे हैं, उनके लिए सरकार पुनर्वास के रास्ते पूरी तरह बंद कर देगी। इसके साथ ही उन्होंने बस्तर में बढ़ते धर्मांतरण को गंभीर समस्या बताया और कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर नए कानूनी प्रावधान लाने जा रही है।
छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री गुस्से में दिखे
गृहमंत्री विजय शर्मा शुक्रवार को जगदलपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। जब उनसे नक्सलियों द्वारा बच्चों और शिक्षकों की हत्या के बारे में सवाल किया गया तो वे काफी आक्रोशित दिखे। उन्होंने कहा,
“जिन्होंने बस्तर में स्कूलों को बम से उड़ाया, बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों की हत्या की, उनके लिए पुनर्वास के रास्ते बंद किए जाएंगे। इनके बड़े नेता अपने बच्चों को विदेश में पढ़ा रहे हैं और चाहते हैं कि बस्तर का बच्चा अशिक्षित रह जाए। ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
धर्मांतरण सबसे बड़ी समस्या
विजय शर्मा ने धर्मांतरण के मुद्दे को भी गंभीर बताते हुए कहा कि बस्तर में आदिवासी समाज को तोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा,
“बस्तर में धर्मांतरण एक बहुत बड़ी पीड़ा है। इससे परंपराएं टूट रही हैं और गांवों की सामाजिक संरचना पर गहरा असर पड़ा है। एक बार जब व्यक्ति धर्म बदल लेता है तो यह स्पष्ट नहीं होता कि वह अब किस समाज का हिस्सा है।”
गृहमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और जल्द ही सरकार धर्मांतरण पर सख्त और स्पष्ट प्रावधान लेकर आएगी।
सरकार का सख्त संदेश
गृहमंत्री विजय शर्मा के इस बयान को सरकार के स्पष्ट रुख के रूप में देखा जा रहा है। नक्सल हिंसा और धर्मांतरण, दोनों ही मुद्दों को लेकर राज्य सरकार अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह रुख आगे चलकर अहम भूमिका निभा सकता है।





