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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व CM भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत, ED की चार्जशीट तक जेल से रिहाई नहीं

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, अदालत ने जमानत के साथ एक शर्त लगा दी है, जिसके तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा चार्जशीट दाखिल करने तक उनकी रिहाई नहीं हो सकेगी।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व CM भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत, ED की चार्जशीट तक जेल से रिहाई नहीं

रायपुर: छत्तीसगढ़ के हाई-प्रोफाइल शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया को बिलासपुर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। लेकिन यह जमानत सशर्त है, जिसका मतलब है कि उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि उनकी रिहाई तभी संभव होगी, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में चार्जशीट यानी आरोप पत्र दाखिल कर देगा।

यह फैसला जस्टिस दीपक कुमार तिवारी की सिंगल बेंच ने सुनाया है। सौम्या चौरसिया को करीब दो महीने पहले आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और ED ने शराब घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। इससे पहले वह कोयला घोटाला मामले में भी लंबे समय तक जेल में रह चुकी हैं, जिसमें उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाईकोर्ट में सुनवाई

सौम्या चौरसिया ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जो खारिज हो गई थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को मामले की गंभीरता को देखते हुए सौम्या को फिर से हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया। साथ ही, शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट से उनकी याचिका पर प्राथमिकता से और दो सप्ताह के भीतर सुनवाई पूरी करने को कहा था।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सौम्या चौरसिया की ओर से हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गईं, जिनमें ED और EOW द्वारा की गई गिरफ्तारी को चुनौती दी गई थी।

वकील ने बताया राजनीतिक षड्यंत्र

सुनवाई के दौरान सौम्या चौरसिया के वकील ने दलील दी थी कि केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियां बार-बार नई FIR दर्ज कर उन्हें परेशान कर रही हैं। उन्होंने इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताया था। याचिका में यह भी कहा गया था कि उन्हें अब तक 6 अलग-अलग मामलों में हिरासत में लिया जा चुका है। 20 फरवरी को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर अब आदेश जारी किया गया है।

क्या है जमानत की शर्त?

इस फैसले के बाद सौम्या चौरसिया के वकील हर्षवर्धन परगनिहा ने मीडिया को जानकारी दी।

“हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है, लेकिन यह शर्तों के साथ दी गई है। आदेश के अनुसार, जिस दिन ED इस केस में चार्जशीट प्रस्तुत करेगी, उस दिन उन्हें जमानत मिल जाएगी। तब तक वह जेल में ही रहेंगी।”- हर्षवर्धन परगनिहा, वकील, सौम्या चौरसिया

कहा जा रहा है कि ED इस मामले में जल्द ही चालान पेश करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में यह देखना होगा कि जांच एजेंसी कब तक अपनी चार्जशीट दाखिल करती है, क्योंकि सौम्या चौरसिया की रिहाई अब उसी पर टिकी है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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