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छत्तीसगढ़ में स्लीपर और AC बसों की होगी अनिवार्य सुरक्षा जांच, हादसों के बाद साय सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश

Written by:Banshika Sharma
Published:
राजस्थान और आंध्र प्रदेश में बस हादसों के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में चलने वाली सभी स्लीपर और एसी बसों की अब अनिवार्य रूप से फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट की जांच की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में स्लीपर और AC बसों की होगी अनिवार्य सुरक्षा जांच, हादसों के बाद साय सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश

रायपुर: दूसरे राज्यों में बसों में आग लगने की हालिया घटनाओं से सबक लेते हुए छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश से संचालित होने वाली सभी स्लीपर और एयर कंडीशनर (एसी) बसों की पूरी सुरक्षा जांच अनिवार्य कर दी गई है। यह कदम राजस्थान और आंध्र प्रदेश में हुए हादसों के बाद उठाया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

सीएम विष्णु देव साय के आदेश पर परिवहन विभाग ने बस ऑपरेटरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जांच के दौरान मुख्य रूप से फायर सेफ्टी इक्विपमेंट, इमरजेंसी एग्जिट, और बसों की इलेक्ट्रिकल वायरिंग प्रणाली पर ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर बस यात्रा के लिए पूरी तरह सुरक्षित हो।

रोजाना 600 से ज्यादा बसों का संचालन

आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए रोजाना 600 से अधिक स्लीपर बसें चलती हैं। 50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक की कीमत वाली इन लग्जरी बसों से लाखों लोग सफर करते हैं।

खासकर रेल टिकट उपलब्ध न होने की स्थिति में यात्री 400 से 1200 किलोमीटर तक की लंबी दूरी के लिए इन्हीं बसों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन हाल के हादसों ने लंबी दूरी के यात्रियों के बीच चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।

विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रियर इंजन वाली बसों में आग लगने का खतरा अधिक होता है, हालांकि राज्य में ऐसी बसें सीमित संख्या में हैं। विभाग ने बस मालिकों और ड्राइवरों को स्पार्किंग जैसी तकनीकी खामियों के प्रति सतर्क रहने और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

“स्लीपर और एसी यात्री बसों में सुरक्षा नियमों का पूर्ण पालन करना अनिवार्य है। प्रदेश के सभी जिलों के आरटीओ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लंबी दूरी तय करने वाली वातानुकूलित बसों में सेफ्टी उपकरणों की जांच कर रिपोर्ट जल्द मुख्यालय को दें।” — डी. रविशंकर, अपर परिवहन आयुक्त

इस फैसले के बाद सभी जिला परिवहन अधिकारियों (RTO) को अपने क्षेत्र में चलने वाली बसों का निरीक्षण कर जल्द से जल्द मुख्यालय को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बसों में सुरक्षा के सभी मानक पूरे हों।