रायपुर: छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों की अवैध खेती के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक और बड़ी सफलता मिली है। दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़े पैमाने पर हो रही अफीम की खेती का पर्दाफाश किया है। यहां तरबूज और अन्य सब्जियों की फसल के बीच लगभग 70 डिसमिल जमीन पर अफीम उगाई जा रही थी। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है।
यह मामला सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
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सब्जियों के खेत में छिपा रखी थी जहरीली फसल
एसएसपी शशिमोहन सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को ग्राम आमाघाट में गोपनीय तरीके से अफीम की खेती किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद तमनार और पूंजीपथरा पुलिस की टीमों ने मुखबिरों को सक्रिय कर इलाके में पतासाजी शुरू की। 20 मार्च की रात को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आमाघाट गांव में एक खेत पर छापा मारा।
जांच में पता चला कि खेत में तरबूज, ककड़ी और अन्य सब्जियों की खेती की जा रही थी, लेकिन बीच में लगभग 70 डिसमिल के रकबे में चालाकी से अफीम के पौधे उगाए गए थे। पुलिस ने मौके से मार्शल सांगा नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। आरोपी झारखंड का रहने वाला है और पिछले कुछ सालों से यहां रहकर अपने साथियों के साथ इस अवैध काम को अंजाम दे रहा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जिस जमीन पर खेती हो रही थी, वह शासकीय है या निजी।
पूर्व सीएम बघेल का सरकार पर हमला
इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में प्रदेशभर में अफीम की खेती का पर्दाफ़ाश जारी है।
“जिस तरीके से प्रदेश में सूखे नशे के कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है, यह घातक है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी बताती है कि इस खेल का असली “सरगना” कौन है?”- भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री
बघेल ने यह भी दावा किया कि उन्हें धमतरी जिले के नगरी-सिहावा क्षेत्र में एक भाजपा नेता के फार्महाउस में करीब 20 एकड़ में अफीम की खेती की जानकारी मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही उन्होंने यह मामला उठाया, उस फसल पर बुलडोजर चला दिया गया।
प्रदेश में लगातार मिल रही नशे की खेती
छत्तीसगढ़ में हाल के दिनों में कई जिलों से अफीम की अवैध खेती के मामले सामने आए हैं:
- दुर्ग: सबसे पहले दुर्ग जिले के समोदा गांव में एक भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में करीब पांच एकड़ में अफीम की खेती पकड़ी गई थी। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
- बलरामपुर: इसके बाद बलरामपुर जिले में दो अलग-अलग जगहों पर लगभग तीन एकड़ में अफीम की फसल मिली। यहां किसानों ने बताया कि झारखंड के एक व्यक्ति ने उन्हें मसालों की खेती के नाम पर अफीम उगाने के लिए तैयार किया था।
पुलिस इन सभी मामलों में नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन अवैध गतिविधियों के पीछे कौन लोग शामिल हैं।