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Chhattisgarh Weather : मौसम के दो रूप, मध्य छग में लू का अलर्ट, कुछ जगह गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार

Written by:Pooja Khodani
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छत्तीसगढ़ में लगातार गर्मी का असर तेज होता जा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 43 डिग्री के पार बना हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने के संकेत हैं। इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है।
Chhattisgarh Weather : मौसम के दो रूप, मध्य छग में लू का अलर्ट, कुछ जगह गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार

छत्तीसगढ़ में गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। आगामी 3 दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ (रायपुर व बिलासपुर संभाग) के जिलों में एक-दो पॉइंट में ग्रीष्म लहर चलने की संभावना जताई गई है। फिलहाल प्रदेश में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा लेकिन इसके बाद तापमान में गिरावट आने की संभावना है।

रविवार को रायपुर में ग्रीष्म लहर चलने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 45°C और 28°C के आसपास रह सकता है। गरियाबंद और कोंडागांव में अगले 3 घंटों में गरियाबंद और कोंडागांव के कुछ अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश और आंधी आने की संभावना है।

रायपुर मौसम केंद्र के मुताबिक, वर्तमान में एक ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर स्थित है। इसके असर से तीन-चार दिनों तक प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 40-50 KMPH रह सकती है। एक-दो पॉइंट में ग्रीष्म लहर चलने की भी संभावना है।

मौसम विभाग के साप्ताहिक पूर्वानुमान के मुताबिक, 26 अप्रैल को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा, वज्रपात तथा तेज हवा (40-50 KMPH) चलने की संभावना है। हालांकि एक-दो पॉकेट में गर्म लहर भी चलेगी। 27 और 28 अप्रैल को एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा, वज्रपात और तेज हवा (40-50 KMPH) की चेतावनी जारी की गई है । एक-दो पॉकेट में गर्म लहर चलने और उष्ण रात्रि के भी आसार हैं । 29 अप्रैल से 1 मई तक को प्रदेश में एक-दो स्थानों हल्की वर्षा, गरज चमक के साथ वज्रपात तथा तेज हवा (40-50 KMPH) चलने की संभावना है। 2 मई को भी मौसम मिला जुला मौसम देखने को मिलेगा।

आंगनबाड़ी का समय बदला

बढ़ती गर्मी को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित किए जाएंगे। इस अवधि में बच्चों की उपस्थिति केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित की गई है। अन्य सेवाओं के लिए केंद्र 11:00 बजे तक संचालित रहेगा। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। ग्रीष्मकाल समाप्ति उपरांत 01 जुलाई 2026 से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित किए जाएंगे।

लू एवं तापघात से बचाव के लिए छग शासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी

  • छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा व ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए लू (हीट वेव) से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार राज्य, जिला, तहसील और विकासखण्ड स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे और आवश्यक चेतावनी एवं सूचना प्रसारित करेंगे।
  • लू से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार रेडियो, टेलीविजन, व्हाट्सएप सहित स्थानीय भाषा के पोस्टर एवं पैम्पलेट के माध्यम से किया जाएगा। गर्मी की तीव्रता को देखते हुए विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों एवं मनरेगा श्रमिकों के कार्य समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
  • तापघात के लक्षणों में तेज सिरदर्द, सिर में भारीपन, तेज बुखार, मुंह का सूखना, शरीर का तापमान बढ़ने पर भी पसीना न आना, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, शरीर में दर्द, अत्यधिक प्यास लगना और पेशाब कम होना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
  • लू से बचाव के लिए लोगों को पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस घोल, लस्सी, छाछ, नींबू पानी और चावल के पानी (बोरे बासी) का सेवन करने की सलाह दी गई है।हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने तथा बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकने की अपील की गई है। यदि किसी व्यक्ति को लू लगने के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत छायादार जगह पर लिटाकर ठंडे पानी का छिड़काव करना, सिर पर ठंडी पट्टी रखना और तत्काल चिकित्सा सलाह लेना आवश्यक बताया गया है।
  • जनता को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, नंगे पैर बाहर न जाने और शराब, चाय, कॉफी व कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स के सेवन से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि ये शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन, मसालेदार, तैलीय और बासी भोजन का सेवन भी हानिकारक माना गया है।

Chhattisgarh Weather Report Forecast

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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