मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को अपने निवास कार्यालय से कृषि क्रांति अभियान के तहत ‘जी कॉम इंडिया’ और किसान कॉल सेंटर ‘एग्रीबिड’ का शुभारंभ किया। इस पहल के जरिए किसान क्यूआर कोड के माध्यम से देश भर में अपनी फसल बेच सकेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और उन्हें उचित मूल्य मिलेगा। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, विधायक रायमुनी भगत और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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जी कॉम इंडिया के तहत किसान क्यूआर कोड के जरिए अपनी फसलों की जानकारी देश के किसी भी कोने में बैठे खरीददारों तक पहुंचा सकेंगे। इससे धान, तिलहन, दलहन और नकदी फसलों का उचित मूल्य घर बैठे प्राप्त होगा। अगर किसी किसान के पास पर्याप्त मात्रा में उत्पाद नहीं है, तो वह अन्य किसानों के साथ मिलकर सामूहिक रूप से खरीददारों को फसल उपलब्ध करा सकता है। कॉल सेंटर (08069378107) के जरिए 12 विशेषज्ञों का दल किसानों को खेती से जुड़ी समस्याओं का समाधान और योजनाओं की जानकारी प्रदान करेगा।
फसलों का उत्पादन बढ़ रहा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि जशपुर जिले में आम, लीची, नाशपाती, चाय और कटहल जैसी फसलों का उत्पादन बढ़ रहा है, लेकिन बाजार की कमी के कारण किसानों को कम दाम मिलते थे। अब नई तकनीक से किसानों को सीधे खरीददारों से जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, एनडीडीबी के सहयोग से छह जिलों में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए दुधारू पशुओं का वितरण और प्रशिक्षण भी शुरू किया गया है।
शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना
कृषि क्रांति को बढ़ावा देने के लिए 35 किसानों को रायपुर और दुर्ग के शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना किया गया। यह दल वैज्ञानिक खेती और खाद्य प्रसंस्करण की जानकारी प्राप्त करेगा, जिसे जशपुर में लागू किया जाएगा। यह पहल जिले के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी फसलों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी।