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मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग को दी बड़ी सौगात, 739 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन, की ये बड़ी घोषणा

Written by:Gaurav Sharma
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले को 739 करोड़ 38 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी, सुशासन तिहार के तहत जनता के बीच पहुंचकर सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया।
मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग को दी बड़ी सौगात, 739 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन, की ये बड़ी घोषणा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले को  739 करोड़ 38 लाख रुपये के विशाल विकास कार्यों की सौगात दी, जिससे जिले में बुनियादी अधोसंरचना और जनजीवन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। यह सौगात उन्होंने स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए दी, जहां मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार का दायित्व है कि वह जनता के बीच जाकर अपने कार्यों का हिसाब दे, उनकी समस्याएं सुने और उनका समाधान सुनिश्चित करे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से आमजन के बीच पहुंचकर अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग जिले के लिए कुल 251 लोककल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया, जिनकी कुल लागत 739 करोड़ 38 लाख रुपये है। इनमें 362 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 98 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है, जबकि 376 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत के 153 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान जोर देते हुए कहा कि ये सभी परियोजनाएं दुर्ग जिले के विकास को एक नई दिशा प्रदान करेंगी, साथ ही नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी। उन्होंने दुर्ग में एक सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण की भी घोषणा की, जिससे बेहतर प्रशासनिक अधोसंरचना के माध्यम से नागरिक सेवाओं में और अधिक पारदर्शिता, दक्षता और सुविधा सुनिश्चित हो सकेगी।

10 जून तक चलेगा सुशासन तिहार अभियान

मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के व्यापक आयोजन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह अभियान एक मई से प्रदेशभर में निरंतर जारी है और 10 जून तक राज्य के सभी 33 जिलों में इसका संचालन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में आयोजित इन समाधान शिविरों के माध्यम से न केवल आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ भी सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब शासन केवल कार्यालयों तक सीमित न रहकर सीधे जनता तक पहुंचकर सेवा देने की दिशा में कार्य कर रहा है।

इस जनसमस्या निवारण शिविर में युवाओं को ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किए गए, मत्स्यपालकों को जाल वितरित किए गए, साथ ही आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, महिला समूहों को प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, आवास स्वीकृति और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी बड़ी संख्या में हितग्राहियों को दिया गया। मुख्यमंत्री साय ने अंत में अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने यह भी बताया कि हमारी सुशासन सरकार ने राज्य में 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था और यह खुशी की बात है कि सभी स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं। अब शीघ्र ही इन सभी आवासों का निर्माण कार्य पूरा कर हितग्राहियों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।

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