छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिनी जाती है। यहां हर साल हजारों पर्यटक वन्यजीवों को करीब से देखने और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने पहुंचते हैं। लेकिन अब इस रोमांचक सफर के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। विभाग द्वारा जारी नई दरों ने पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
नई शुल्क व्यवस्था लागू होने के बाद परिवार के साथ सफारी घूमने का बजट भी बढ़ जाएगा। खासकर छुट्टियों और वीकेंड के दौरान आने वाले पर्यटकों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। हालांकि विभाग का दावा है कि शुल्क वृद्धि के बदले आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
रायपुर जंगल सफारी टिकट दर बढ़ोतरी
नई दरों के अनुसार 6 से 12 साल तक के बच्चों की एंट्री टिकट अब 25 रुपये की जगह 50 रुपये कर दी गई है। वहीं 12 साल से अधिक उम्र के लोगों को अब 100 रुपये चुकाने होंगे, जबकि पहले यह शुल्क 50 रुपये था। यानी सामान्य प्रवेश शुल्क लगभग दोगुना कर दिया गया है।
विदेशी पर्यटकों के लिए भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां उन्हें एंट्री के लिए 200 रुपये देने पड़ते थे, वहीं अब यह शुल्क बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि विदेशी पर्यटकों की संख्या को देखते हुए यह बढ़ोतरी चर्चा का विषय बन सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि देशभर के कई वन्यजीव अभयारण्यों और सफारी पार्कों में समय-समय पर शुल्क संशोधित किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाना होता है। हालांकि आम पर्यटकों की नजर सबसे पहले बढ़े हुए खर्च पर ही जाती है।
बस सफारी शुल्क में बड़ा बदलाव
एंट्री टिकट के अलावा बस सफारी शुल्क में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। 6 से 12 साल तक के बच्चों के लिए साधारण बस का किराया 100 रुपये, एसी बस का 150 रुपये और इलेक्ट्रिक बस का 175 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं 12 वर्ष से अधिक आयु के पर्यटकों को साधारण बस के लिए 150 रुपये, एसी बस के लिए 200 रुपये और इलेक्ट्रिक बस के लिए 250 रुपये खर्च करने होंगे।
विदेशी पर्यटकों के लिए शुल्क और भी अधिक रखा गया है। उन्हें साधारण बस सफारी के लिए 750 रुपये, एसी बस के लिए 1000 रुपये और इलेक्ट्रिक बस के लिए 1250 रुपये तक चुकाने होंगे। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बढ़े हुए शुल्क के साथ बेहतर सुविधाएं, साफ-सफाई, सुरक्षित सफारी अनुभव और वन्यजीव संरक्षण के प्रयास मजबूत होते हैं, तो पर्यटक इसे सकारात्मक रूप से भी देख सकते हैं। वहीं कई परिवारों का कहना है कि पहले की तुलना में अब जंगल सफारी का कुल खर्च काफी बढ़ जाएगा।
फिलहाल रायपुर जंगल सफारी टिकट दर बढ़ोतरी को लेकर पर्यटकों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे आवश्यक कदम बता रहे हैं, जबकि कई पर्यटक इसे जेब पर अतिरिक्त बोझ मान रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई दरों का पर्यटकों की संख्या पर कितना असर पड़ता है।






