छत्तीसगढ: विकास कार्यों से बदलेगी जशपुर के मयाली की तस्वीर, मुख्यमंत्री साय ने 10 करोड़ की पर्यटन परियोजना का किया भूमिपूजन

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के मयाली नेचर कैंप में 10 करोड़ रुपये की लागत वाली मयाली-बगीचा विकास परियोजना का भूमिपूजन किया। भारत सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत इस परियोजना से विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत और कैलाश गुफा क्षेत्र में विभिन्न पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिसका उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।
Vishnu Deo Sai

जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पर्यटन को एक नई ऊंचाई देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को मयाली नेचर कैंप में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वदेश दर्शन योजना 2.0’ के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘मयाली-बगीचा विकास परियोजना’ का विधिवत भूमिपूजन किया। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।

यह विकास परियोजना जशपुर के तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों-मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत और बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य इन प्राकृतिक और धार्मिक महत्व के स्थलों पर विश्व स्तरीय सुविधाएं विकसित कर इन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है।

एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा मयाली

इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे जशपुर के पर्यटन विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि आज मयाली के विकास की एक मजबूत नींव रखी गई है, जो आने वाले समय में इसे एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

“मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी रही है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। इस विकास परियोजना के माध्यम से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।”- विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां के घने जंगल, खूबसूरत झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा।

स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर

यह परियोजना सिर्फ पर्यटन सुविधाओं का विकास ही नहीं करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए आय और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। परियोजना के तहत मयाली डैम के पास एक स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण किया जाएगा।

इस केंद्र में युवाओं को टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प और डिजिटल बुकिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ‘होम-स्टे नीति’ से ग्रामीण परिवार सीधे तौर पर पर्यटन गतिविधियों से जुड़कर आय अर्जित कर सकेंगे। इससे पर्यटकों को भी स्थानीय संस्कृति को करीब से अनुभव करने का मौका मिलेगा।

परियोजना में शामिल प्रमुख विकास कार्य

मयाली-बगीचा विकास परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किए जाएंगे ताकि पर्यटकों को एक सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिल सके।

मयाली नेचर कैंप में: यहां 5 पर्यटक कॉटेज, एक कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट और लैंडस्केपिंग का काम होगा।

मधेश्वर पर्वत (शिव मंदिर क्षेत्र): धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां प्रवेश द्वार, शौचालय सुविधा और पाथवे का विकास किया जाएगा।

कैलाश गुफा परिसर (बगीचा): यहां एक नया प्रवेश द्वार, पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास और सीढ़ियों एवं रेलिंग का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

इन सभी कार्यों के पूरा होने से न केवल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि जशपुर की सामाजिक-सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान को भी एक नई दिशा मिलेगी।

Shyam Dwivedi
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7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

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