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गरियाबंद ऑर्केस्ट्रा विवाद: अश्लील कार्यक्रम पर बड़ी कार्रवाई, 14 आयोजक गिरफ्तार, SDM हटाए गए, 3 पुलिसकर्मी निलंबित

Written by:Banshika Sharma
Published:
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान अश्लीलता परोसने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त एक्शन लेते हुए 14 आयोजकों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक SDM को पद से हटा दिया गया है और तीन पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया है।
गरियाबंद ऑर्केस्ट्रा विवाद: अश्लील कार्यक्रम पर बड़ी कार्रवाई, 14 आयोजक गिरफ्तार, SDM हटाए गए, 3 पुलिसकर्मी निलंबित

गरियाबंद, छत्तीसगढ़: जिले के देवभोग थाना क्षेत्र स्थित उरमाल गांव में आयोजित एक ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में मर्यादाओं के उल्लंघन पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर कार्यक्रम से जुड़े अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया, जिसके बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई।

पुलिस ने कार्यक्रम आयोजित करने वाली समिति के 14 सदस्यों को सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने और नियमों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को देवभोग एसडीएम कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है। यह कार्यक्रम 8 से 10 जनवरी के बीच आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।

SDM हटाए गए, पुलिसकर्मी निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। वायरल वीडियो में कार्यक्रम के दौरान देवभोग के SDM (राजस्व) तुलसीदास मरकाम की मौजूदगी सामने आने के बाद उन्हें तत्काल पद से हटा दिया गया है। इसके अलावा, देवभोग थाने में पदस्थ तीन पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया है, जिनमें प्रधान आरक्षक दिलोचन रावटे, आरक्षक शुभम चौहान और आरक्षक जय कंसारी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन के तहत की गई है।

जांच के लिए समिति गठित

गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। यह समिति अपर कलेक्टर के नेतृत्व में काम करेगी और कार्यक्रम की अनुमति प्रक्रिया से लेकर निगरानी में हुई चूक तक, सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में नाबालिगों की मौजूदगी की आशंकाओं के बाद बाल संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर तय समय सीमा में रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और किसी भी तरह के नियम उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।