बस्तर पंडुम 2026: 7 फरवरी को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू करेंगी कार्यक्रम का शुभारंभ, 700 जवानों के साथ तीन लेयर की सुरक्षा तैनात

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 से 9 फरवरी तक आयोजित होने वाले संभाग स्तरीय 'बस्तर पंडुम 2026' का शुभारंभ करेंगी। उनके इस दौरे को देखते हुए बस्तर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं, जिसमें 700 से अधिक जवान और 50 से अधिक राजपत्रित अधिकारी शामिल हैं।
बस्तर पंडुम 2026: 7 फरवरी को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू करेंगी कार्यक्रम का शुभारंभ, 700 जवानों के साथ तीन लेयर की सुरक्षा तैनात

जगदलपुर: बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। 7 फरवरी से शुरू होने वाले तीन दिवसीय संभाग स्तरीय ‘बस्तर पंडुम 2026’ का उद्घाटन करने के लिए देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जगदलपुर पहुंच रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल दौरे के मद्देनजर पूरे बस्तर संभाग, खासकर जगदलपुर में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती की गई है।

राष्ट्रपति के आगमन को लेकर आदिवासी बहुल अंचल के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। लोगों को उम्मीद है कि राष्ट्रपति, जो स्वयं एक आदिवासी समुदाय से आती हैं, जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय निवासियों के साथ अपने विचार साझा करेंगी।

कलाकारों का महाकुंभ: तीन गुना बढ़ी भागीदारी

इस वर्ष बस्तर पंडुम को लेकर कलाकारों में अभूतपूर्व उत्साह है। आयोजकों के अनुसार, साल 2025 में विकासखंड स्तर पर हुई प्रतियोगिताओं में जहां 15,596 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, वहीं इस साल यह संख्या तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 54,745 तक पहुंच गई है।

यह आंकड़ा बस्तर के सातों जिलों से है। जिला स्तर पर हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद 84 दलों के 705 बेहतरीन कलाकारों का चयन किया गया है, जो अब संभाग स्तरीय आयोजन में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इन तीन दिनों के दौरान बस्तर की फिजाओं में पारंपरिक नृत्य की थाप, लोकगीतों की गूंज और स्थानीय व्यंजनों की महक बिखरेगी। कुल 12 अलग-अलग विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी, जिसमें सबसे ज्यादा 192 कलाकार जनजातीय नृत्य और 134 कलाकार जनजातीय नाटक में अपना हुनर दिखाएंगे।

तीन घेरों में सुरक्षा, 700 से ज्यादा जवान तैनात

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। बस्तर एसपी शलभ सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को तीन मुख्य लेयर में बांटा गया है। इसके अलावा एक आउटर कॉर्डेन भी रहेगा, जो शहर के चारों ओर सुरक्षा संभालेगा।

एसपी के मुताबिक, सुरक्षा के बीच के लेयर में एयरपोर्ट और कार्यक्रम स्थल की जिम्मेदारी होगी, जबकि एक आंतरिक लेयर राष्ट्रपति के दौरे वाले सभी स्थानों पर तैनात रहेगा। इस सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले के मौजूदा बल के अलावा अतिरिक्त बल भी आवंटित किया गया है। 50 से अधिक राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में 700 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। शहर की मुख्य सड़कों पर सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है और वाहनों की सघन जांच चल रही है। पिछले तीन दिनों से बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें भी लगातार जांच में जुटी हुई हैं।

“राष्ट्रपति प्रवास को लेकर काफी उत्साहित हैं। क्योंकि राष्ट्रपति खुद आदिवासी समाज से आती हैं। बस्तर भी आदिवासी बहुल इलाका है। ऐसे में यह उम्मीद जताई जा रही है कि आदिवासी मूलनिवासियों के लिए और बस्तर के जल, जंगल और जमीन को सुरक्षित रखने के लिए मंच से बड़ी बात कहेंगी।”- अंजली कश्यप, स्थानीय निवासी

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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