किसी भी परिवार के लिए यह फैसला आसान नहीं होता कि अपने ही बेटे को नशे की लत से बचाने के लिए नशामुक्ति केंद्र भेजा जाए। उम्मीद होती है कि वहां इलाज होगा, सुधार होगा और जिंदगी पटरी पर लौटेगी। लेकिन छत्तीसगढ़ के रायपुर से जो मामला सामने आया है, उसने इस भरोसे को झकझोर कर रख दिया है।
यहां एक नशामुक्ति केंद्र में युवक के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए। इलाज की जगह उसे पाइप से बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसके शरीर पर गहरे जख्म हो गए और मानसिक हालत भी बिगड़ गई।
नशामुक्ति केंद्र में युवक के साथ क्या हुआ
रायपुर के पंडरी मोवा इलाके में स्थित एक नशामुक्ति केंद्र में यह घटना सामने आई है। ओडिशा के उमरकोट निवासी अंकुर मांझी को उसके माता-पिता ने सितंबर 2025 में नशा छुड़ाने के लिए यहां भर्ती कराया था।
कुछ ही दिनों के भीतर उसके साथ मारपीट की घटना हुई, लेकिन उस समय मामला दबा दिया गया। जब फरवरी में युवक घर लौटा, तब उसकी हालत देखकर परिवार के होश उड़ गए।
पाइप से बेरहमी से पिटाई, शरीर पर पड़े गहरे जख्म
परिजनों के अनुसार युवक की पीठ और गर्दन पर गहरे घाव थे। उसकी चमड़ी तक छिल गई थी और वह बेहद डरा हुआ था। जब उससे पूछा गया तो उसने बताया कि नशामुक्ति केंद्र की संचालिका के बेटे अनिकेश शर्मा ने उसे पाइप से पीटा। इतना ही नहीं, युवक के साथ गाली-गलौज भी की गई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक के साथ हिंसक व्यवहार साफ नजर आ रहा है।
मानसिक स्थिति भी बिगड़ी, इलाज जारी
मारपीट का असर सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवक की मानसिक स्थिति भी प्रभावित हुई। डॉक्टरों के अनुसार, लगातार हिंसा और डर के कारण उसकी मानसिक हालत बिगड़ गई है। फिलहाल उसका इलाज विशाखापट्टनम में चल रहा है। यह घटना यह सवाल खड़ा करती है कि इलाज के नाम पर कहीं अत्याचार तो नहीं हो रहा।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित युवक के परिवार ने आरोप लगाया है कि जब उनका बेटा केंद्र में था, तब उन्हें उससे मिलने तक नहीं दिया जाता था। जब वे मिलने जाते थे, तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता और जातिसूचक गालियां भी दी जाती थीं। अब परिवार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस जांच में जुटी, दस्तावेज मांगे गए
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। नशामुक्ति केंद्र संचालिका के बेटे अनिकेश शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। साथ ही केंद्र चलाने से जुड़े सभी दस्तावेज भी मांगे गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि केंद्र कानूनी नियमों के अनुसार चल रहा था या नहीं।






