छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव की 11 सीटों के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य में केवल दो सीटें जीतने वाली कांग्रेस इस बार बेहतर प्रदर्शन के लिए कमर कस रही है। पार्टी ने राजस्थान के पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट को छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया है। कांग्रेस को उम्मीद है कि सचिन पायलट के नेतृत्व में पार्टी राज्य में मजबूत रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी और उल्लेखनीय परिणाम हासिल करेगी।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष डॉ. जेपी श्रीवास्तव ने बताया कि पार्टी अपने स्थापना दिवस, 28 दिसंबर को लोकसभा चुनाव के लिए आंदोलन की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का गठन अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम के लिए हुआ था और अब लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई में पार्टी पूरी ताकत से उतरेगी। इस दिन नागपुर में एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

कांग्रेस कॉरपोरेट्स के दबाव में नीतियां बनाने के खिलाफ

डॉ. श्रीवास्तव ने पार्टी की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कांग्रेस कॉरपोरेट्स के दबाव में नीतियां बनाने के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कॉरपोरेट्स और बड़े उद्योगपति राजनीतिक दलों को चंदा देकर अपनी पसंद की नीतियां बनवाते हैं, लेकिन कांग्रेस ऐसी प्रथाओं से दूरी बनाए रखती है। यही कारण है कि कॉरपोरेट्स ने कांग्रेस को चंदा देना कम कर दिया है। पार्टी अब जनता के सहयोग पर निर्भर है।

‘डोनेट फॉर देश’ नाम से क्राउड फंडिंग अभियान शुरू

कांग्रेस ने धन संग्रह के लिए ‘डोनेट फॉर देश’ नाम से क्राउड फंडिंग अभियान शुरू किया है, जिसे अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में दो दिनों में 19 लाख रुपये से अधिक का चंदा जमा हुआ है। सरगुजा के कांग्रेसी कार्यकर्ता भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने 1 लाख 38 हजार रुपये का योगदान दिया है, जबकि कार्यकर्ताओं के लिए न्यूनतम 138 रुपये की सहयोग राशि निर्धारित की गई है।