मिलावट या जहर, गर्म करते ही कपड़े जैसा बन गया दूध, शिकायत पर खाद्य विभाग ने मारा छापा

ग्वालियर चंबल संभाग दूध और उससे बने पदार्थ पनीर और मावा में मिलावट के लिए बदनाम है त्योहारी सीजन में यहाँ भारी मात्रा में इसको तैयार किया जाता है और पूरे प्रदेश सहित पडोसी राज्य उत्तर प्रदेश राजस्थान तक सप्लाई किया जाता है।
मिलावट या जहर, गर्म करते ही कपड़े जैसा बन गया दूध, शिकायत पर खाद्य विभाग ने मारा छापा

नकली और मिलावटी दूध, पनीर और खोये के कुख्यात ग्वालियर चंबल अंचल से मिलावट का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न सिर्फ चौंका दिया है बल्कि ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि दूध बेचने वाले कहीं हमें जहर पिला कर हमारे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ तो नहीं कर रहे।

ताजा मामला ग्वालियर जिले के डबरा का है, यहाँ रहने वाले एक व्यक्ति ने डेयरी से दूध खरीदा और जब उसने इसे गर्म किया तो चौंक गया, पल भर में दूध कपडे जैसा दिखने लगा उसने उसे हाथ से उठाकर देखा और फिर प्रमाण के तौर पर इसका वीडियो बनाया।

दूध गर्म किया और कपड़े जैसा बन गया 

जागरूक उपभोक्ता ने इसकी प्रमाण सहित शिकायत एसडीएम दिव्यांशु चौधरी से की, उपभोक्ता सुनील शिवहरे ने  शिकायत में कहा कि उसने संन्यास आश्रम के सामने की डेयरी से दूध लिया था और घर जाकर गर्म किया तो ये कपड़े जैसा दिखने लगा ये मिलावटी है जहरीला भी हो सकता है इसकी जाँच की जाये।

खाद्य विभाग ने छापा मारकर लिए सेंपल 

एसडीएम ने खाद्य विभाग को जाँच के निर्देश दिए जिसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने सन्यास आश्रम के पास स्थित धूमेश्वर दूध डेयरी और शिव दूध डेयरी पर छापा मार कार्रवाई की और यहां से दूध, दही, क्रीम सेंपल लिए, जांच टीम में शामिल अधिकारियों ने कहा कि लैब रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर एक्शन लिया जायेगा।

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डबरा से अरुण रजक की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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