डबरा में नगर पालिका के सामने करीब 18 दिनों से चल रहा धरना प्रदर्शन आखिरकार समाप्त हो गया है। दरअसल पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने के साथ वहां लगा पंडाल भी हटवा दिया। इससे नगर पालिका, सामाजिक संस्थाओं और पुलिस प्रशासन के बीच चल रहा विवाद फिलहाल शांत होता नजर आ रहा है। हालांकि धरना हटाने की कार्रवाई के बाद इसकी अनुमति और नियमों को लेकर कई सवाल भी सामने आए हैं।
दरअसल डबरा नगर पालिका के सामने लंबे समय से चल रहे धरने को बुधवार शाम पुलिस प्रशासन ने समाप्त करा दिया। प्रदर्शन स्थल पर लगा पंडाल भी हटवा दिया गया। यह कार्रवाई उस घटनाक्रम के बाद हुई जिसमें नगर पालिका के कुछ पार्षदों पर पुलिस ने धारा 107/16 के तहत कार्रवाई की थी। इसके विरोध में पार्षद थाना परिसर पहुंचे थे और देर रात तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरना दिया था।
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निष्पक्ष जांच की मांग
वहीं पार्षदों ने थाना प्रभारी, एसडीओपी और तहसीलदार को हटाने की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात रखी थी। इसी दौरान पूर्व मंत्री इमरती देवी भी डबरा थाने पहुंचीं। उन्होंने पार्षदों से चर्चा की और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद पार्षद थाना परिसर से रवाना हो गए। इसके बाद सुबह ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह डबरा पहुंचे। एसपी की मौजूदगी में पार्षदों और पुलिस अधिकारियों के बीच बैठक हुई। बैठक में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर भरोसा दिया गया। साथ ही नगर पालिका के सामने चल रहे धरने को समाप्त करने को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान डबरा शहर की दूसरी समस्याओं पर भी बातचीत हुई। इनमें ट्रैफिक व्यवस्था और सीजन के दौरान मंडी में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस स्टाफ की जरूरत जैसे मुद्दे शामिल रहे। बैठक के बाद शाम को पुलिस प्रशासन ने नगर पालिका के सामने चल रहे प्रदर्शन को समाप्त कराया और मौके पर लगा पंडाल भी हटवा दिया। करीब 18 दिनों से चल रहा धरना अब खत्म हो गया है।
डबरा में धरना हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल
दरअसल धरना समाप्त होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल इसकी अनुमति और नियमों को लेकर है। नगर पालिका के सामने करीब 18 दिनों तक धरना चलता रहा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि प्रदर्शन किसकी अनुमति से चल रहा था और इसके लिए क्या नियम तय किए गए थे। अगर धरने की अनुमति दी गई थी, तो फिर इसे अचानक क्यों हटाया गया? वहीं अगर प्रदर्शन बिना अनुमति या तय नियमों के मुताबिक नहीं चल रहा था तो इतने दिनों तक इस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब यही सवाल डबरा में चर्चा का विषय बने हुए हैं।