नियमों का उल्लंघन कर चल रही थी शराब दुकान, कलेक्टर के निरीक्षण में मिलीं कई खामियां, लाइसेंस निरस्त

मीडिया से बात करते हुए कलेक्टर ने कहा कि नियम विरुद्ध शराब दुकान संचालन में कौन कौन शामिल है फ़िलहाल कहना मुश्किल है लेकिन इतना तय है आबकारी विभाग ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई इसलिए मुझे जाना पड़ा ।
Damoh Collector inspected liquor shop.

Damoh Collector inspected liquor shop.

एमपी के दमोह से बड़ी खबर है यहां जिले के इतिहास में पहली दफा कोई कलेक्टर किसी शराब दुकान में खुद जाकर जांच पड़ताल करते देखे गए और उसके बाद उन्होंने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, उन्होएँ अनियमितता का चलते शराब दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया, जिसके बाद जिले भर में हड़कंप मच गया है।

दरअसल दमोह शहर के हटा नाका स्थित लाइसेंसी शराब दुकान को लेकर शिकायतें आ रही थी जिसके बाद कई बार ये बात सामने आई कि प्रशासन इस मामले में मौन है और कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी इसे लेकर लोग कमेंट्स कर रहे थे, जब मामला कलेक्टर के संज्ञान में आया तो फिर खुद कलेक्टर ने इस मामले को देखने का फैसला लिया।

कलेक्टर के किया शराब दुकान का औचक निरीक्षण  

आज बुधवार को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव आबकारी विभाग, पुलिस और अपने स्टाफ के साथ खुद इस शराब दुकान पर पहुंच गए, कलेक्टर को देखकर दुकानदार के होश उड़ गए , टीम ने कलेक्टर की मौजूदगी में मीडिया के कैमरों के सामने इस शराब दुकान का निरीक्षण किया, स्टॉक चैक किया, रजिस्टर देखा और नियमानुसार जो जो प्रक्रिया अपनाई जाना थी उनकी भी जांच की।

लाइसेंस वाली जगह से अलग संचालित थी शराब दुकान 

लगभग घंटे भर की जांच पड़ताल के बाद दुकान से बाहर निकल कर कलेक्टर ने मीडिया को बताया कि जांच पत्रक तैयार किया जा रहा है और कल इस पर कार्यवाही से अवगत कराया जाएगा लेकिन कल का इंतजार किए बगैर घंटे भर बाद ही कलेक्टर फिर मीडिया से रुबरु हुए और उन्होंने बताया कि इस शराब दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है और अब ये दुकान नहीं खुलेगी। उन्होंने बताया कि दुकान का लाइसेंस जहाँ का था उसकी जगह दूसरी जगह संचालित हो रही थी इसके अलावा ओवर चार्जिंग सहित कई खामियां थीं।

अवैध शराब की बिक्री पर रहेगी खास नजर 

इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने जिले में हड़कंप मचा दिया है। कलेक्टर ने कहा कि जिले में कई जगहों पर ऐसी लाइसेंसी शराब दुकानों की आड़ में अवैध रूप से गांव गांव में शराब बेची जा रही है और इस से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है ऐसे में अब आगे और जगहों पर भी डीएम की कार्यवाही की उम्मीद जताई जा रही है। बहरहाल अब तक डीएम ऐसे मामलों में जांच के आदेश दिया करते थे और आबकारी और प्रशासन की टीम जांच पड़ताल करके रिपोर्ट डीएम को दिया करती थी लेकिन खुद कलेक्टर का दुकान पर जाना अपने आप में खास माना जा रहा है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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