दमोह जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दरअसल पथरिया थाना क्षेत्र में एक लग्जरी कार से 39 पेटी अवैध शराब बरामद की गई। हालांकि कार्रवाई के दौरान कार में सवार दो आरोपी मौके से भाग निकले। पुलिस ने वाहन और शराब जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है और फरार तस्करों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
दरअसल प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तस्कर पुलिस की नजर से बचने के लिए महंगे वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बार भी शराब की खेप एक लग्जरी कार में छिपाकर ले जाई जा रही थी। पुलिस का मानना है कि यह कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जब्त शराब की मात्रा को देखते हुए यह आशंका भी जताई जा रही है कि इसे जिले के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाना था। मामले की जांच अब केवल वाहन और शराब तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे जुड़े लोगों की पहचान भी की जा रही है।
सूचना मिलते ही बिछाया गया जाल
वहीं पुलिस के अनुसार कार्रवाई की शुरुआत एक विश्वसनीय सूचना से हुई। नशे के खिलाफ काम करने वाले भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों को खबर मिली कि पथरिया क्षेत्र से एक कार में बड़ी मात्रा में अवैध शराब ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही संगठन ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पथरिया थाना पुलिस ने रजवांस चौराहे के पास रणनीतिक तरीके से घेराबंदी की।
कुछ समय बाद संदिग्ध लग्जरी कार मौके पर पहुंची। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार में बैठे दोनों युवक अचानक बाहर निकलकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। पुलिस ने तुरंत वाहन की तलाशी ली तो उसमें 39 पेटी शराब मिली। शराब की मात्रा और पैकिंग देखकर जांच टीम ने माना कि इसे व्यावसायिक स्तर पर सप्लाई करने की तैयारी थी। पुलिस अब वाहन के रजिस्ट्रेशन, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है।
पूरे नेटवर्क की जांच शुरू
दरअसल दमोह सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों में समय-समय पर अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाए जाते रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केवल शराब जब्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके स्रोत, सप्लाई चैन और खरीद-बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क को तोड़ना भी जरूरी है। इसी कारण इस मामले में भी जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि जब्त कार और शराब को कब्जे में लेकर आबकारी और संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब कहां से लाई गई थी और किन इलाकों में इसकी सप्लाई होनी थी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय लोगों के सहयोग से ही ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई संभव है। इस कार्रवाई को जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, लेकिन पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे गिरोह का खुलासा हो सकेगा।






