दमोह पुलिस ने निभाया मानवता का फर्ज, बुजुर्ग महिला को नई साइकिल देकर जीता भरोसा, भावुक हुई लक्ष्मी, जानें पूरा मामला

दमोह पुलिस ने एक बुजुर्ग महिला की उम्मीदों को नया पंख दिया, जिसकी चोरी हुई साइकिल उसके जीवन का आधार थी। नई साइकिल पाकर लक्ष्मी की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे।
Damoh

दमोह पुलिस के एक मानवीय कार्य ने बुजुर्ग लक्ष्मी के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है। चोरी हुई साइकिल की जगह जब उसे नई साइकिल मिली, तो लक्ष्मी की आंखें खुशी से भर आईं। यह घटना दमोह में पुलिस के एक ऐसे पक्ष को सामने लाई है, जहाँ वर्दी का मतलब सिर्फ कानून का पालन नहीं, बल्कि आमजन की मदद भी है। अक्सर पुलिसकर्मियों की आलोचना और बुराइयां सुनने को मिलती हैं, और समाज में पुलिस को लेकर लोगों के विचार अमूमन ठीक नहीं बन पाए हैं, लेकिन दमोह की बुजुर्ग लक्ष्मी के लिए वर्दी वाले किसी फरिश्ते से कम नहीं थे। पुलिस ने लक्ष्मी के लिए कोई बड़ा चमत्कार नहीं किया, न ही उसकी जिंदगी को किसी बड़े खतरे से बचाया, बल्कि एक छोटी सी मदद ने उसके जीवन में नया उजाला ला दिया। यह मदद एक साइकिल के रूप में सामने आई।

दरअसल, बुजुर्ग महिला लक्ष्मी के लिए यह साइकिल शरीर में ऑक्सीजन के समान थी। इसी साइकिल के सहारे वह फेरी लगाकर अपनी तीन बेटियों और एक मानसिक रूप से कमजोर बेटे का जीवनयापन करती थी। कुछ दिनों पहले दमोह के मानस पाठ इलाके में रहने वाली लक्ष्मी की यही जीवनदायिनी साइकिल चोर चुरा ले गए। साइकिल चोरी होने के बाद लक्ष्मी अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंची। उसने चोरी की शिकायत दर्ज कराई और कई दिन बीतने के बाद भी जब उसकी साइकिल नहीं मिली, तो बुजुर्ग महिला अपनी फरियाद लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) की जनसुनवाई में पहुंच गई।

एसपी आनंद कलादगी ने दिखाई संवेदनशीलता

एसपी आनंद कलादगी ने बुजुर्ग लक्ष्मी की पीड़ा को महसूस किया। उन्होंने उसके भावों को समझा और उसकी जरूरत को जाना। एसपी कलादगी ने तत्काल कोतवाली पुलिस को निर्देश दिए कि पुलिस न केवल महिला की चोरी हुई साइकिल की तलाश करे, बल्कि उसे एक नई साइकिल भी उपलब्ध कराए। एसपी के निर्देश का पालन करते हुए प्रभारी थाना इंचार्ज नीतेश जैन ने जरा भी समय नहीं लगाया। उन्होंने वैसी ही नई साइकिल थाने में मंगवाई, जैसी लक्ष्मी की चोरी हुई थी। इसके बाद थाने की गाड़ी बुजुर्ग लक्ष्मी को उनके घर से लेने पहुंची।

नई साईकिल मिलते ही बुजुर्ग महिला की आंखों से छलके खुशी के आंसू

चार पहिया वाहन में सवार होकर लक्ष्मी कोतवाली पहुंची। वहां थाना इंचार्ज नीतेश जैन और अन्य पुलिसकर्मियों ने मिलकर बुजुर्ग लक्ष्मी को नई साइकिल भेंट की। यह उपहार पाते ही महिला की आंखें भर आईं। खुशी के जो आंसू उसकी आंखों से छलके, उसे देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। यह केवल एक छोटी सी कीमत वाली साइकिल का सवाल नहीं था, बल्कि लक्ष्मी के पूरे परिवार, उसकी तीन बेटियों और एक मानसिक रूप से कमजोर बेटे के जीवनयापन के सहारे का सवाल था। साइकिल के बिना उसकी दुनिया जैसे ठहर सी गई थी और दो जून की रोटी का इंतजाम करना उसके लिए बेहद मुश्किल हो गया था।

नई साइकिल पर सवार लक्ष्मी संघर्ष के लिए तैयार

लेकिन दमोह पुलिसकर्मियों की इस अनूठी पहल ने लक्ष्मी की उम्मीदों को टूटने नहीं दिया। अब नई साइकिल पर सवार होकर लक्ष्मी एक बार फिर नई उम्मीदों के साथ संघर्ष करने के लिए तैयार हो चली है। लोग पुलिस वालों की इस मानवीय पहल का खुले दिल से स्वागत कर रहे हैं और उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। इस घटना ने समाज में पुलिस की एक सकारात्मक और संवेदनशील छवि को मजबूत किया है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
Follow Us :GoogleNews