बारिश में भीग गया सैकड़ों क्विंटल चना, सरकारी खरीदी के बाद भी पड़ा रहा खुले में

बारिश में भीग गया सैकड़ों क्विंटल चना, सरकारी खरीदी के बाद भी पड़ा रहा खुले में

दमोह/गणेश अग्रवाल

दमोह जिले के अनेक खरीदी केंद्रों पर चना खरीदी का दौर जारी है। यहां प्रशासनिक हीला हवाली का नजारा उस वक्त देखने को मिला जब पूरी रात हुई रिमझिम बारिश और सुबह से हुई जोरदार बारिश ने खरीदी केंद्रों के बाहर पड़े सैकड़ों क्विंटल चने को तरबतर कर दिया। ऐसे में यह चना अब खराब होने की कगार पर आ गया है, इसके बावजूद अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।

दमोह हटा मार्ग पर रुचि सोया नामक वेयर हाउस में शासन के द्वारा चना खरीदी केंद्र बनाया गया था। यहां पर चने की खरीदी करने के बाद सैकड़ों क्विंटल बोरे खुले में ही रख दिए गए और उनका परिवहन नहीं किया गया। परिवहन नहीं होने के कारण बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश ने पूरे चने को पानी से भिगोकर के रख दिया है। यहां पर ऐसे कुछ किसान भी थे जो अपनी चने की फसल को बेचने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली लिए खड़े हुए हैं। उनके भी अनाज को काफी नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ शासन द्वारा खरीद लिए गए चने के बोरे पानी में तरबतर नजर आए। इस मामले में अब किसानों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वही खरीदी केंद्र का जिम्मा संभाल रहे अधिकारी भी पानी को ही दोष देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews