Hindi News

दमोह के मिशन अस्पताल में आयुष्मान योजना की जांच पड़ताल, फर्जीवाड़ा खंगालने में लगा स्वास्थ्य विभाग

Written by:Atul Saxena
Published:
फर्जी डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन केम की कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले है जिसमें इस कथित डॉक्टर के साथ हमेशा एक बाउंसर गॉर्ड चलता था जो एक सूटकेस में दस्तावेज और कुछ जरूरी सामान रखता था, मिशन अस्पताल का आरोप है कि यह पोर्टेबल इको मशीन भी चोरी करके ले गया था जिसकी दमोह कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
दमोह के मिशन अस्पताल में आयुष्मान योजना की जांच पड़ताल, फर्जीवाड़ा खंगालने में लगा स्वास्थ्य विभाग

Mission Hospital Damoh: एमपी के दमोह में विवादास्पद मिशनरी की मिशन अस्पताल में लगातार जांच पड़ताल जारी है तो आज फिर एक बार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमार कार्यवाही करते हुए एक बड़ी जांच की है और ये जांच आयुष्मान योजना को लेकर है।

मिशन अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग का छापा 

दरअसल मिशन अस्प्ताल में फर्जी डॉक्टर डॉ एन जान केम उर्फ नरेंद्र विक्रमादित्य यादव द्वारा की गई हार्ट सर्जरी और इन सर्जरी में सात मौतों का आरोप है और ये मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। इस अस्पताल पर आरोप है कि देश में चल रही आयुष्मान योजना का लाभ लेने के लिए यहां आपरेशन कराए जा रहे थे और इस योजना के तहत अस्पताल ने लम्बा चौड़ा लाभ अर्जित किया है।

आयुष्मान योजना की जाँच करने पहुंचे अफसर 

अस्पताल पर लगे आरोपों को लेकर आज स्वास्थ्य विभाग की टीम अचानक मिशन अस्पताल पहुंची और इस टीम ने आयुष्मान योजना से जुड़े दस्तावेज खंगाले है। इस टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ विक्रांत चौहान ने बताया कि मिशन अस्पताल को लेकर जो आरोप लगे हैं उनमें आयुष्मान योजना भी एक है और वही जांच की जा रही है, हालांकि कितने का गड़बड़झाला है ये आंकड़े साफ नहीं है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ होगी।

दमोह दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट 

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews