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छात्राओं की पानी की बोतल में मिलाया जहर! अस्पताल में भर्ती, हॉस्टल वार्डन को हटाने सरपंच और शिक्षक पर षड्यंत्र का आरोप, FIR के आदेश

Written by:Atul Saxena
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छात्रावास वार्डन ने बताया कि सरपंच, टीचर और स्कूल प्रिंसिपल मिलकर मुझे हटाने के लिए मेरे साथ षड्यंत्र रच रहे हैं, उन्होंने कहा ये लोग मुझसे दुश्मनी निभाने के लिए बच्चियों को टारगेट कर रहे हैं। 
छात्राओं की पानी की बोतल में मिलाया जहर! अस्पताल में भर्ती, हॉस्टल वार्डन को हटाने सरपंच और शिक्षक पर षड्यंत्र का आरोप, FIR के आदेश

मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है जिसपर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है, यहाँ छात्राओं की पानी की बोतल में जहर मिलाने का मामला सामने आया है, पानी पीने से दो बच्चियां बेहोश हो गई उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती किया गया जहाँ डॉक्टर्स ने उलटी कराकर उनका जहर निकाला, उधर घटना के बाद कलेक्टर ने दोषियों के खिलाफ पुलिस एफआईआर के निर्देश दिए हैं, कहा जा रहा है कि इस पूरे विवाद की जड़ छात्रावास वार्डन, सरपंच, स्कूल हेडमास्टर और स्कूल शिक्षकों के बीच विवाद है।

दमोह जिले के टोरी गाँव के सरकारी कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाली दो छात्राओं की तबियत अचानक बिगड़ने से हडकंप मच गया, बच्चियों ने मिड डे मील लेने के बाद बोतल से पानी पीया था, पानी पीते ही उनकी तबियत बिगड़ गई एक छात्रा बेहोश हो गई दूसरी को चक्कर आने लगे उसे देखने में परेशानी होने लगी, तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर स्कूल स्टाफ उन्हें दमोह जिला अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गया, डॉ कौशिकी राजपूत ने बच्चियों के इलाज के बाद कहा जहर का असर कम हो गया है अभी दोनों की उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।

बच्चियों के पानी में मिलाया जहर! पहले भी हो चुकी ऐसी घटना 

इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की जो वजह सामने आई है वो बहुत चौंकाने वाली है, खास बात ये है पूरी वजह बच्चियों ने ही बताई है, अस्पताल में भर्ती बच्चियों के साथ पढ़ने वाली बच्चियों ने पानी में कोई जहरीली दवा मिलाने का आरोप स्कूल टीचर्स पर लगाया है, उन्होंने कहा कि स्कूल के टीचर पहले भी एक बार बच्चियों के पानी में जहर मिलाने का ऐसा प्रयास कर चुके हैं लेकिन तब किसी ने पानी नहीं पीया था।

हेडमास्टर, सरपंच और स्कूल टीचर्स पर षड्यंत्र करने के आरोप 

छात्राओं ने कहा कि हमारे हॉस्टल की जो इस समय की वार्डन है उन्होंने सब व्यवस्थाएं अच्छी कर दी है, समय पर खाना मिलता है बाकि सुविधाएँ भी सही हैं, सरकार से मिलने वाला पूरा पैसा हॉस्टल में ही लगाती है यही बात स्कूल हेडमास्टर, सरपंच और कुछ टीचर को अच्छी नहीं लगती क्योंकि पुरानी वार्डन सरकारी पैसा प्रिंसिपल और अन्य लोगों को खिलाती थी, हॉस्टल में कोई सुविधा नहीं देती थी ये लोग उन्हें ही वापस बुलाना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने ये पूरा षड्यंत्र किया और पानी में जहर मिलाया है।

हॉस्टल वार्डन बोली मुझे हटाने बच्चियों को कर रहे टार्गेट 

हॉस्टल वार्डन यशवंती महावे ने मीडिया से कहा मैं शासन के नियमों के हिसाब से हॉस्टल का संचालन कर रही हूँ, बच्चियों को कोई शिकायत भी नहीं है, सब कुछ अच्छा है लेकिन ये सब स्कूल के प्रिंसिपल और सरपंच को पसंद नहीं आ रहा उनके साथ कुछ टीचर भी मिले हुए हैं ये लोग वार्डन पर दबाव बनाकर उससे अपने हिसाब से काम करवाते हैं लेकिन मैं इनके दबाव में नहीं आ रही, पहले भी इन लोगों ने ऐसा ही किया था बच्चियों के पानी में कुछ मिलाया था, यब मैंने पुलिस में , विभाग में शिकायत की थी लेकिन कोई एक्शन नहीं किया गया इसलिए इनकी हिम्मत बढ़ गई और एक बार फिर बच्चियों के पानी में कोई जहरीली दवाई मिला दी जिससे मुझपर आरोप लगे और मुझे हटा दिया जाये।

परिजन बोले हमारी बच्चियों को कुछ होता तो कौन जिम्मेदार होता 

स्कूल में बच्चियों के पानी में जहरीली दवा मिलाने से परिजन आक्रोशित है, उनका कहना है स्कूल वालों की आपसी लड़ाई और विवाद में बच्चियों को निशाना क्यों बनाया जा रहा है, हमारी बच्चियों को कुछ हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता , नाराज परिजनों ने दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है, उधर दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं उन्होंने जाँच अधिकारी से 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है वाही पुलिस में एफ आई आर कराने के निर्देश भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।

ग्रामीणों में दहशत, कलेक्टर ने दिए एफआईआर के आदेश  

इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों के दहशत का माहौल है खास तौर पर जिनकी बच्चियां सरकारी हॉस्टल में रह रही है उनमें खासी चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है बच्चियों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए उधर मामला कलेक्टर और पुलिस तक पहुँचने के बाद आरोपी भी दहशत में हैं।

दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट