गोविंद सिंह की चेतावनी के बाद बैकफुट पर रामबाई

गोविंद सिंह की चेतावनी के बाद बैकफुट पर रामबाई

दमोह। गणेश अग्रवाल ।

मध्यप्रदेश की राजनीती में बीते साल भर से अमूमन सुर्ख़ियों में रहने वाली दमोह जिले के पथरिया से बीएसपी की निलंबित विधायक रामबाई सिंह का एक और बड़ा बयान सामने आया है जब उन्होंने कहा है की प्रदेश के सहकारिता मंत्री अब जब मुझसे मिले तो मुझे पीट लें मार लें । ये बयान तब आया है जब मंत्री ने रामबाई के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराने की चेतावनी दी थी ।

दरअसल, बसपा की टिकिट पर जीत दर्ज करने के बाद पहले दिन से ही सुर्ख़ियों में रहने वाली दबंग विधायक रामबाई सिंह देश में अपनी पहचान बना चुकी है तो अक्सर अपनी विवादित बयानबाजी और कारनामों के लिए सुर्ख़ियों में रहती है । एमपी में कमलनाथ की सरकार इनके समर्थन से चल रही है लिहाजा सरकार भी विधायक साहिबा के कारनामों को दरकिनार कर देती है । बीते दिनों नागरिकता संसोधन क़ानून को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की की तारीफ़ करने के साथ कानून का समर्थन करने के बाद बीएसपी सुप्रीमों ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था और रामबाई अभी तक बहाली की आशा लगाए बैठी है लेकिन बसपा सुप्रीमों ने कोई खबर नहीं ली लेकिन विधायक साहिबा के मंसूबे अभी भी कम नहीं है । बीते दिनों प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ गोविन्द सिंह को भोपाल में मीडिया के सामने प्रदेश सरकार के मंत्री को खरी खोटी सुनाई।कई गंभीर आरोप मंत्री पर सरेआम लगाए जिसके बाद सूबे की राजनीती में खलबली मच गई।

दरअसल रामबाई प्रदेश भर में सरकारी दफ्तरों में तैनात संविदा कम्प्यूटर आपरेटरों की समयसीमा को बढ़ाने की मांग को लेकर गई थी और मंत्री डॉ गोविन्द सिंह से उन्हें कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो अपने स्वभाव के अनुसार विधायक गरम हो गई और उन्होंने बिना सोचे समझे सरकार के मंत्री पर दनादन आरोप दाग दिए . मामला सुर्ख़ियों में आया तो आख़िरकार सहकारिता मंत्री डॉ गोविन्द सिंह ने पलटवार करते हुए सख्त लहजे में कह दिया की वो रामबाई के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कराएँगे / सरकार का समर्थन कर रही विधायक और प्रदेश की राजनीति के मौज़ूदा हालातों में ये सब ज़रा चिंता करने वाला था लेकिन इस बीच कमलनाथ सरकार का एक फैसला शनिवार को आया है जिसमे जिन कम्प्यूटर आपरेटर्स की मांग को लेकर ये विवाद सामने आया उन ऑपरेटर्स को सरकार ने छह महीने और काम करने की इजाजत दी है जिसके बाद रामबाई के सुर बदले है और अब वो कह रही है की मीडिया ने उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया ।इतना ही नहीं इसे मुक़दमे का खौफ कहें या फिर अपनी मांग पूरी होने की ख़ुशी कहा जाये रामबाई यहाँ तक कह रही है की अब जब मंत्री डॉ गोविन्द सिंह से उनकी मुलाक़ात हो तो वो चाहेंगी की मंत्री जी उन्हें पीट तक लें।

वहीँ दूसरी तरफ सरकार के इस फैसले के बाद संविदा कम्प्यूटर आपरेटर्स में भी ख़ुशी की लहर है और वो अपनी समयसीमा बढ़ाये जाने के बाद ना सिर्फ सरकार का बल्कि विधायक रामबाई सिंह का भी धन्यवाद कर रहे है।बहरहाल एक बार फिर अपनी सरकार को समर्थन देने वाली विधायक के सामने सरकार को झुकना पड़ा ये अलग बात है और शायद बबाल खड़ा होने के बाद सरकार ने ये निर्णय लिया लेकिन दबंग विधायक का ये रूप भी चर्चाओं में है और सवाल यही की क्या विधायक से नाराज सहकारिता मंत्री अपनी नाराजगी दूर करेंगे ? क्या मानहानि का दावा ठोकने की चेतावनी वापस लेंगे ?

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