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आप नेता सत्येंद्र जैन को दिल्ली एसटीपी घोटाले में राहत, कोर्ट ने दी जमानत

यह मामला एसटीपी परियोजनाओं के लिए जारी किए गए टेंडरों की प्रक्रिया और उनमें कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है। मामले में एसीबी की जांच के साथ अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई जारी है।
Satyendar Jain

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दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एसटीपी से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में गुरुवार को जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने जैन की जमानत याचिका मंजूर करते हुए उन्हें 2 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानती पेश करने का निर्देश दिया।

उनकी जमानत पर फैसला 25 अगस्त को सुरक्षित रखा गया था। गुरुवार को अदालत ने जैन को राहत दी। मामले के अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 17 सितंबर तक बढ़ा दी गई है।

27 महीने बाद गिरफ्तारी पर सत्येंद्र जैन के वकील ने उठाए सवाल

एसटीपी घोटाले को लेकर जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने गिरफ्तारी के समय और मामले में उनकी भूमिका को लेकर दलीलें दी थीं। बचाव पक्ष का कहना था कि एफआईआर दर्ज होने के करीब 27 महीने बाद सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया गया, जबकि इससे पहले उन्हें पूछताछ के लिए सिर्फ एक बार बुलाया गया था। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि जांच से संबंधित अधिकांश सामग्री एजेंसी पहले ही जुटा चुकी है और जैन की आगे हिरासत की आवश्यकता नहीं है।

उनकी ओर से यह भी कहा गया कि संबंधित टेंडर अक्टूबर 2022 में जारी किए गए थे, जबकि उस समय वह एक अन्य मामले में जेल में थे। बचाव पक्ष ने उनके और टेंडर प्रक्रिया के बीच प्रत्यक्ष संबंध के पर्याप्त सबूत होने पर भी सवाल उठाया। हालांकि, इससे पहले 19 अगस्त को अदालत ने जैन की गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

एसीबी का आरोप, टेंडर की शर्तों में बदलाव कर कंपनी को फायदा

एंटी करप्शन ब्रांच के मुताबिक यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के कई एसटीपी के अपग्रेडेशन और क्षमता बढ़ाने से जुड़े टेंडरों में अनियमितताओं का है। एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की तकनीकी शर्तों और काम के दायरे में इस तरह बदलाव किए गए, जिससे एक खास कंपनी यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को फायदा मिल सके। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित पायलट स्टडी नहीं कराई गई और टेंडर को एक खास आईएफएएस तकनीक के अनुरूप सीमित किया गया। इसके अलावा टेंडर में पानी की गुणवत्ता से जुड़े कुछ अनिवार्य मानकों को हटाने या कमजोर करने का भी आरोप है।

मामले में छह लोग गिरफ्तार हुए

सत्येंद्र जैन को एसीबी ने 18 अगस्त 2026 को दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय और चार अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया था। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा शामिल हैं। फिलहाल दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी टेंडर मामले में सत्येंद्र जैन को जमानत मिल गई है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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