देवास में पोकलेन के पंजे से फूटी नर्मदा पाइपलाइन, हवा में 40 फीट ऊंचा उठा पानी का फव्वारा, सड़क जलमग्न

देवास के कैला देवी क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान पोकलेन मशीन से नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन फूट गई। करीब 40 फीट ऊंचे पानी के फव्वारे के कारण आधे घंटे तक हजारों लीटर पानी सड़क पर बहकर बर्बाद हो गया।
देवास में पोकलेन के पंजे से फूटी नर्मदा पाइपलाइन, हवा में 40 फीट ऊंचा उठा पानी का फव्वारा, सड़क जलमग्न

देवास के कैला देवी क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान पोकलेन मशीन से नर्मदा की पाइपलाइन फूट गई। शुक्रवार को तेज दबाव के साथ करीब 40 फीट की ऊंचाई तक पानी का फव्वारा छूटने लगा। अचानक उठे इस पानी के गुबार को देखकर वहां मौजूद लोग हक्के-बक्के रह गए। लगभग आधे घंटे तक हजारों लीटर पीने का पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद होता रहा।

सड़क खुदाई के दौरान अचानक हुआ हादसा

देवास के कैला देवी इलाके में इन दिनों सड़क चौड़ीकरण और निर्माण का काम जोर-शोर से चल रहा है। शुक्रवार को जब पोकलेन मशीन से सड़क की खुदाई की जा रही थी, उसी दौरान जमीन के नीचे से गुजर रही नर्मदा जल प्रदाय परियोजना की मुख्य पाइपलाइन मशीन के पंजे की चपेट में आ गई। जोरदार धक्के के साथ पाइपलाइन में बड़ा छेद हो गया और देखते ही देखते पानी का तेज सैलाब बाहर निकलने लगा।

40 फीट ऊंचा उठा फव्वारा

पाइपलाइन में पानी का प्रेशर इतना ज्यादा था कि फूटते ही पानी की तेज धार करीब 40 फीट ऊपर हवा में उछलने लगी। दूर से देखने पर ऐसा लग रहा था मानो सड़क के बीचों-बीच कोई विशालकाय फव्वारा फूट पड़ा हो। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही देर में पूरी सड़क जलमग्न हो गई और आसपास की दुकानों व आवाजाही करने वाले लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

पोकलेन से पानी रोकने की कोशिश

अचानक बिगड़े हालात को देखकर मौके पर काम कर रहे मजदूरों और ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाई। उन्होंने पोकलेन मशीन के बकेट को टूटी हुई पाइपलाइन के मुहाने पर रखकर पानी के बहाव को दबाने और रोकने का प्रयास किया। वहीं सड़क से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए यह नजारा बेहद हैरान करने वाला था, जिसे उन्होंने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। कुछ ही देर में इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

आधे घंटे बाद बंद हुआ वाल्व

घटना की भनक लगते ही स्थानीय निवासियों ने तुरंत इसकी सूचना नगर निगम और संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे तकनीकी अमले ने नर्मदा लाइन के मुख्य वाल्व को बंद कराया। वाल्व बंद होने के करीब आधे घंटे बाद जाकर पानी का उफान थमा। हालांकि, तब तक हजारों लीटर शुद्ध पेयजल नालियों और सड़कों पर बहकर पूरी तरह बर्बाद हो चुका था।

Somesh Upadhyay
लेखक के बारे में
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