धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिंदू संगठनों और सकल हिंदू समाज के आह्वान पर आज धार जिले में दोपहर तक बंद रखा जा रहा है। सुबह से ही बंद का असर धार शहर के बाजारों में दिखाई दे रहा है। प्रमुख बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दुकानें बंद नजर आ रही हैं। सड़कों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में अपेक्षाकृत कम आवाजाही दिखाई दे रही है।
हिंदू संगठनों ने भोजशाला की व्यवस्थाओं और धार्मिक गतिविधियों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए बंद का आह्वान किया है। संगठनों का आरोप है कि अदालत के निर्देशों का प्रशासन द्वारा पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। इसी के विरोध में हिंदू समाज ने एकजुट होकर बंद और आगे ज्ञापन देने का निर्णय लिया।
धार बंद का व्यापक असर
भोजशाला परिसर से जुड़े विवाद को लेकर हिंदू संगठनों और सकल हिंदू समाज की ओर से आज धार जिले में दोपहर तक बंद का आह्वान किया गया है। बंद का असर सुबह से ही शहर के बाजारों में दिखाई दे रहा है। प्रमुख बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों में कई दुकानें बंद हैं, जिससे सामान्य दिनों की तुलना में बाजारों में सन्नाटा नजर आ रहा है। बंद के आह्वान के तहत हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सुबह बाजारों में पहुंचे और व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की।
लालबाग में जुटेगा हिंदू समाज
बंद के दौरान हिंदू समाज के लोगों के लालबाग में एकत्र होने का कार्यक्रम है। यहां से लोग अपनी मांगों और आपत्तियों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। बंद के आह्वान से पहले भी हिंदू संगठनों की ओर से लोगों और व्यापारियों से बंद को सफल बनाने की अपील की गई थी।
इस कारण रखा है बंद
हिंदू संगठनों का आरोप है कि भोजशाला-कमाल मौला परिसर से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का प्रशासन द्वारा अक्षरशः पालन नहीं किया जा रहा है। ये बंद भोजशाला में पूजा और नमाज के लिए इस्तेमाल होने वाले रास्ते और दोनों गतिविधियों के बीच सीमा को लेकर किया गया है। दरअसल हालिया धार्मिक आयोजनों के दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्षों की गतिविधियों के लिए व्यवस्थाएं की गई थीं।
हिंदू पक्ष का आरोप है कि व्यवस्था स्पष्ट नहीं है और इससे भोजशाला की धार्मिक प्रकृति तथा अदालत के निर्देशों को लेकर स्थिति असमंजसपूर्ण बन रही है। हिंदू संगठनों ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। इसी नाराजगी के बाद 25 अगस्त को धार बंद का निर्णय लिया गया।बंद को देखते हुए प्रशासन ने धार शहर सहित जिले के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।






