धार भोजशाला: हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहला शुक्रवार, कड़ी सुरक्षा के बीच उमड़े श्रद्धालु, शहर काजी बोले- सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद

आज शुक्रवार को धार में पुलिस प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है और भोजशाला परिसर सहित पूरे शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। वहीं, शहर काजी ने कहा है कि मुस्लिम समाज हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करता है, लेकिन मामले में सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर की गई है और उन्हें वहां से न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।
Dhar Bhojshala

Dhar Bhojshala

धार भोजशाला परिसर में आज शुक्रवार सुबह से हिंदू भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। भक्त दर्शन व पूजा के लिए उत्साहित हैं। हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं का कहना है कि 721 साल बाद उन्हें शुक्रवार के दिन भोजशाला में पूजा-दर्शन का अवसर मिला है। इसे लेकर शहर और भोजशाला के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

धार एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के पालन के लिए लगभग 1800 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय और एएसआई द्वारा अधिकृत लोगों को ही पूजा की अनुमति दी जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी नागरिकों, आगंतुकों और धर्मगुरुओं से शांति, सौहार्द्र और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।

धार भोजशाला में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

धार भोजशाला में शुक्रवार सुबह से हिंदू श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। कई श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि सैंकड़ों साल बाद उन्हें शुक्रवार के दिन भोजशाला में पूजा-दर्शन का अवसर मिला है। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद आज पहला शुक्रवार है और इसे लेकर पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है। पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों सहित भोजशाला परिसर के आसपास व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। धार एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि करीब 1800 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है।

शहर काज़ी ने जताई सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद

इधर मुस्लिम समुदाय ने भी शांति बनाए रखने की बात कही है। धार के शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि मुस्लिम समाज हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करता है, लेकिन इस निर्णय के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में में एसएलपी दायर की है। उन्होंने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है। शहर काजी ने कहा कि फिलहाल मुस्लिम समाज अपने-अपने मोहल्लों की मस्जिदों में नमाज अदा करेगा और सभी लोग प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें। उन्होंने कहा कि “इस शुक्रवार के पुलिस प्रशासन ने जो गाइडलाइन जारी की है उसका सभी समुदाय के लोग सम्मान करें और शहर में अमन चैन और शांति बनाए रखें। शहर अपना है यहां के लोग अपने हैं और शहर में अमन चैन सुकून बरकरार रहे हम यही चाहते हैं।”

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सुनाया था ये फैसला

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 15 मई को धार भोजशाला विवाद पर बड़ा फैसला सुनाते हुए भोजशाला परिसर को राजा भोज कालीन देवी वाग्देवी का मंदिर घोषित किया था। अदालत ने  वर्ष 2003 के पुरातत्व सर्वेक्षण के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें शुक्रवार को मुसलमानों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। इसी के साथ  हिंदू पक्ष को भोजशाला में पूजा-अर्चना का पूर्ण अधिकार दिया गया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि भोजशाला मूल रूप से सरस्वती मंदिर और प्राचीन संस्कृत शिक्षा केंद्र थी। कोर्ट ने मस्जिद पक्ष के लिए वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराए जाने का सुझाव भी दिया। यह फैसला हिंदू संगठनों की याचिका पर सुनवाई के बाद आया था। फैसले के बाद धार में हिंदू समाज में खुशी की लहर दौड़ गई, जबकि मुस्लिम समुदाय ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। धार शहर काजी वकार सादिक ने कहाकि वे हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर कर न्याय की उम्मीद रखते हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews