थाना परिसर में युवक ने लगाई फांसी

थाना परिसर में युवक ने लगाई फांसी

धार ।। राजेश डाबी।

जिले के राजगढ़ थाना अंतर्गत एक 25 वर्षीय युवक ने राजगढ़ थाना परिसर में फांसी लगा ली जिससे उसकी मौत हो गई है । वहीं पुलिस अधीक्षक ने मामले की जानकारी के बाद चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है , पूरे घटनाक्रम के अनुसार राजगढ़ के दलपुरा का 25 वर्षीय शादीशुदा युवक प्रदीप डामोर एक 19 वर्षीय लड़की को लेकर भाग गया था जिसकी जानकारी तुरंत परिजनों द्वारा पुलिस को दी गई । वही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विगत दिवस फरार हुए लड़का लड़की को पकड़ लिया एवं लड़की को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया था ।वहीं युवक को किसी भी अनहोनी व पारिवारिक विवाद से बचाने के लिए पुलिस ने थाना परिसर में ही रात रुकने को कहा था , इस दौरान देर रात युवक ने घटना से क्षुब्ध होकर थाना परिसर के पास ही मौजूद मंदिर के पास फांसी लगा ली जिससे उसकी मौत हो गई ।जिसके बाद युवक के परिवार वालो ने हंगामा कर दिया ।घटना की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों एक एएसआई दो कांस्टेबल एवं एक सैनिक को सस्पेंड कर दिया एवं अब ज्युडिशनल इंक्वायरी की बात कही जा रही है । इस पूरे घटनाक्रम से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है वही लड़के के परिजन पुलिस एवम लड़की के परिवार पर लड़के के साथ गंभीर मारपीट कर लड़के की हत्या का आरोप लगा रहे हर एवम लड़के की मौत पर जांच की बात कर रहे है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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