अच्छी खबर: धार में 14 मरीज ठीक होकर घर पहुंचे, अब तक 26 ने जीती कोरोना से जंग

अच्छी खबर: धार में 14 मरीज ठीक होकर घर पहुंचे, अब तक 26 ने जीती कोरोना से जंग

धार/राजेश डाबी

कोरोना महामारी के रोज बढ़ते संक्रमित लोगों के आंकड़ो की डरावनी खबरों के बीच मंगलवार को धार जिले से सुखद खबर आई है, जिसमें 14 लोगों को कोरोना महामारी से विजेता घोषित कर अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है। अभी तक जिले में 76 कोरोना मरीजों में से 12 मरीजों को पहले ही स्वस्थ घोषित कर डिस्चार्ज कर दिया गया था, एवं 14 मरीजों को मंगलवार को डिस्चार्ज किया गया। वहीं कोरोना संक्रमण के चलते जिले में 1 मरीज की उपचार के दौरान मौत भी हो चुकी है तथा 49 मरीजों का अभी भी उपचार जारी है जिनमे से करीब 12 मरीजों की फर्स्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है तथा दूसरी रिपोर्ट आज रात तक आने की संभावना है।

डिस्चार्ज हुए मरीजों को कलेक्टर, एसपी एवं जिला चिकित्सालय के आला अधिकारियों की मौजूदगी में सैनेटाइज कर महाजन अस्पताल धार से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए रवाना किया गया। इस दौरान मौजूद अधिकारियों ने तालियां बजाकर उन्हें गुलदस्ते भेंट कर उज्जवल भविष्य की शुभकामना भी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में निजी संस्थाओं से जुड़े लोग भी मौजूद रहे। कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ने बताया कि कोरोना संक्रमण मामले में सभी मरीजों का धार के चयनित चिकित्सालयो में ही उपचार चल रहा है तथा सारी उपचार संबंधी सुविधाएं मौजूद है और किसी भी प्रकार से कोई कमी नहीं रखी जा रही है तथा हमें विश्वास है जल्द ही बाकी के लोग भी स्वस्थ होकर अपने घरों को लौटेंगे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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