जमीन विवाद में लाठी-डंडों से पिटाई कर पेड़ पर लटकाया, पुलिस जांच में जुटी

जमीन विवाद में लाठी-डंडों से पिटाई कर पेड़ पर लटकाया, पुलिस जांच में जुटी

धार।मो.अंसार

समीपस्थ ग्राम मानपुरा में मान कार्यक्रम में जमकर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि कुछ लोगो के साथ जमकर मारपीट हुई एवं उन्हें रस्सी से बांधकर लटकाने का प्रयास भी किया गया। जानकारी कि अनुसार ग्राम मानपुर निवासी हिन्दुसिह के घर पर राजगढ़ से आये लोंगों मे मान के कार्यक्रम में हुआ विवाद काफी बढ़ गया और वह संघर्ष में तब्दील हो गया।

बताया जा रहा है कि राजगढ़ के अजयसिंह पिता शंकरसिंह, राहूल पिता जगदीश, अजय पिता शोभाराम, गोलू पिता राजू एवं जितेन्द्र पिता रणछोड हिंदूसिंह के घर पर आये थे। देर शामम मान के कार्यक्रम में शराब पीकर हुवे आपसी विवाद प्रारंभ हो गया। यह विवाद इतना बढ गया कि स्थानीय ग्रामीणों ने इन पांचो लोंगों को पहले तो लठ्ठ एवं अन्य हथियारों सें पिटना प्रारंभ कर दिया। बाद में सभी को पैरों से रस्सी बांध कर उल्टा लटकाने का प्रयास भी किया। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सुचना दी और पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सभी को छुड़वाया।

दसाई पुलिस चौकी प्रभारी आकाश सिंह ने बताया की  को लेकर विवाद हुआ था। लोगो के साथ मारपीट कर उन्हें पेड़ से लटका दिया गया। सुचना पाकर मौके पर पहुँचे एवं घायलों को उपचार हेतु रैफर किया गया। मामले में जिसमें राकेश पिता रमेंश एवं रमेश पिता सुखराम व साथियों के विरूध्द आईपीसी की धारा 323, 294, 506, 34, व 341 मे मुकदमा कायम कर जांच में लिया गया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews