धार के सरदारपुर अंतर्गत ग्राम धुलेट निवासी हरिराम गेहलोत की हत्या के दस दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोशित सर्वसमाज के लोगों ने मंगलवार को राजगढ़ में बड़ा प्रदर्शन किया। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी भाजपा नेता और जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि देवा सिंगार की गिरफ्तारी नहीं होने से क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
दरअसल कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के नेतृत्व में दोपहर करीब दो बजे नगर पालिका परिसर से विशाल रैली निकाली गई। यह रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए थाना राजगढ़ के सामने स्थित मैला मैदान पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने करीब दो घंटे तक धरना देकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में मृतक हरिराम गेहलोत के परिजन, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
विधायक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
धरने को संबोधित करते हुए विधायक प्रताप ग्रेवाल ने मुख्य आरोपी भाजपा नेता देवा सिंगार की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर पुलिस को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड को हुए दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब कानून के हाथ इतने लंबे बताए जाते हैं, तो पुलिस अब तक आरोपी तक क्यों नहीं पहुंच पाई और वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों है।
इसी कड़ी में कुक्षी विधायक सुरेंद्रसिंह हनी बघेल ने भी पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते मामले में उचित और त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस विधायक इस गंभीर मुद्दे को विधानसभा के आगामी सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे। इसके साथ ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मुख्य आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सर्वसमाज के प्रतिनिधियों की ओर से राज्यपाल, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम एक विस्तृत ज्ञापन एसडीएम अजमेरसिंह गौड़ को सौंपा गया। ज्ञापन में मुख्य रूप से पूरे हत्याकांड की एसआईटी से निष्पक्ष जांच कराने और मृतक हरिराम गेहलोत के मृत्यु से पूर्व दिए गए बयान को जांच का हिस्सा बनाने की मांग की गई है। इसके साथ ही पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपी की वास्तविक उम्र की उच्चस्तरीय जांच कराने, आरोपियों की अवैध संपत्ति की जांच करने और पूरे मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग भी रखी गई है।






