धार की ऐतिहासिक भोजशाला मामले में 30 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के आए अंतरिम आदेश के बाद आज दूसरे शुक्रवार को भी मुस्लिम समाज के लोगों ने सर्वे न. 612 पर शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा की। सुरक्षा की दृष्टि से भोजशाला के आसपास बडी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। एसपी सचिन शर्मा, एडिशनल एसपी विजय डावर सहित जिले का पुलिस बल मौजूद था। साथ ही सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी रखी जा रही थी। आसपास के एरिये को बैरिकेड्स से भी कवर किया गया था।
आज शुक्रवार को यानि जुमे के दिन निर्धारित समय पर मुस्लिम समाज ने भोजशाला के पास स्थित सर्व नम्बर 612 पर नमाज पढ़ी। बता दें बीती रात मुस्लिम समाज और प्रशासन की बैठक हुई थी उसमें सर्वे नंबर 613 का विकल्प दिया था किन्तु मुस्लिम समाज ने उसे अस्वीकार कर दिया था और आज शुक्रवार को जुमे की नमाज सर्वे नंबर 612 पर ही हुई।
अव्यवस्था से नाराजी, मुस्लिम समाज बोला, धैर्य की परीक्षा ना लें
कमाल मौला वेलफेयर सोसाइटी अध्यक्ष अब्दुल समद ने कहा मुस्लिम समाज भी आज भी यहाँ इकट्ठा हुआ था और मोहब्बत का पैगाम देते हुए हमने जैसी परिस्थिति थी उसी परिस्थिति में हमारे सजदे कर लिए। हालाँकि यहां कीचड़ था, पानी का अभाव था, वजू की सही व्यवस्था नहीं थी, रोड से आने-जाने की सही व्यवस्था नहीं थी। फिर भी हम लोगों ने ये मोहब्बत का पैगाम देते हुए सारी चीजें एक्सेप्ट किए, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा प्रशासन मुसस्लिम समाज के धैर्य की परीक्षा न ले हम देश की सबसे बड़ी अदालत के निर्देश पर यहाँ आये हैं इसलिए प्रशासन को भी अदालत के निर्देश मनाने चाहिए ।
एसपी ने शांति और सहयोग के लिए माना सभी का आभार
धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने कहा शुक्रवार की नमाज जो है माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अनुपालन में हुई है। मैं सभी का जो सहयोग रहा है उसके लिए आभार व्यक्त करता हूँ। सभी ने अमन, शांति, भाईचारा बनाने के लिए जो अनुमानित संख्या थी उसके हिसाब से और जो पूर्व निर्धारित स्थान था वहीं पर नमाज की है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था काफी लेयर्स में थी। और इसके अलावा जो नमाज पढ़ने आए थे उनका भी काफी सहयोग रहा।
दूसरे स्थान का विकल्प भी खुला, सर्व सम्मति से होगा फैसला
एसपी ने बताया कि जो सर्वोच्च न्यायालय के जो आदेश है उसमें दो प्रमुख तौर पर विकल्प है। दूसरा विकल्प जो सर्वसम्मति से यदि नया स्थान चिन्हांकित होता है जहाँ पर ज्यादा लोग पढ़ सकते हैं, उसका भी विकल्प सभी के लिए खुला हुआ है। तो यदि बातचीत में कुछ निष्कर्ष निकल के आता है तो उसमें भी कार्यवाही की जाएगी।






