इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) में छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। दरअसल जिला अध्यक्ष विक्रमसिंह सचान के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में छात्रावास, परीक्षा, शिक्षकों की नियुक्ति, फीस और सुरक्षा व्यवस्था सहित कई छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की मांग की गई।
दरअसल छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले हजारों छात्र लंबे समय से कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। संगठन ने मांग की कि इन मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए ताकि छात्रों को शैक्षणिक और अन्य सुविधाएं समय पर मिल सकें। ज्ञापन में छात्र हितों से जुड़े सात प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है और प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
शिक्षकों की नियुक्ति समेत कई मांगें उठाईं
वहीं NSUIने अपने ज्ञापन में विश्वविद्यालय छात्रावासों में शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने तथा मेस व्यवस्था को पारदर्शी और बेहतर बनाने की मांग की। इसके साथ ही परीक्षाओं का समय पर आयोजन करने और परीक्षा परिणाम निर्धारित समय सीमा में जारी करने की बात भी रखी गई। संगठन ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की मांग भी की। ज्ञापन में महाविद्यालयों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को जल्द भरने, नियमित और निष्पक्ष निरीक्षण कराने तथा शैक्षणिक मानकों का पालन नहीं करने वाले कॉलेजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी शामिल रही। संगठन का कहना है कि इन मुद्दों के समाधान से छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी परेशानियों में राहत मिल सकेगी।
फीस में राहत, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
दरअसल ज्ञापन में छात्रों की सुविधा से जुड़े अन्य मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। NSUI ने डिग्री, माइग्रेशन और परीक्षा शुल्क में कमी करने की मांग की है। इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात कही गई। संगठन ने छात्रों की सुविधा के लिए पूछताछ केंद्र, MP Online और फीस काउंटर को एक ही स्थान पर संचालित करने का भी प्रस्ताव रखा, ताकि छात्रों को अलग-अलग जगह जाने की आवश्यकता न पड़े। ज्ञापन सौंपने के बाद जिला अध्यक्ष विक्रमसिंह सचान ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र हितों से जुड़े मुद्दों का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो एनएसयूआई छात्र हित में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।






