धार में दर्दनाक हादसा: मजदूरों से भरी पिकअप पलटी, दो बच्चों की मौत, 11 घायल

धार के कुक्षी में मजदूरों से भरी पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में मातम और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
Accident

मध्य प्रदेश के धार जिले से दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। कुक्षी इलाके में मजदूरों से भरी एक पिकअप वाहन अचानक बेकाबू होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस दुर्घटना में दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

दरअसल, पिकअप में बड़ी संख्या में मजदूर सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। इसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

कुक्षी में कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के मुताबिक मजदूरों से भरी पिकअप सड़क से गुजर रही थी, तभी अचानक वाहन चालक संतुलन खो बैठा। इसके बाद पिकअप सड़क किनारे पलट गई। हादसे के दौरान वाहन में बैठे लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए।

दरअसल, हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने बड़ी मुश्किल से घायलों को वाहन से बाहर निकाला। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दो नाबालिग बच्चों की गई जान

इस दर्दनाक हादसे में दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई। दोनों की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया है। वहीं घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। दरअसल, दो घायलों की हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है।

पुलिस ने शुरू की जांच

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में वाहन तेज रफ्तार में होने की बात सामने आ रही है।

दरअसल, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिकअप में क्षमता से ज्यादा लोग तो सवार नहीं थे। हादसे के असली कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

मजदूरों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस हादसे के बाद मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अक्सर देखा जाता है कि मजदूरों को पिकअप और मालवाहक वाहनों में भरकर ले जाया जाता है, जिससे बड़े हादसों का खतरा बना रहता है।

दरअसल, नियमों के बावजूद कई इलाकों में लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। ऐसे हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी लापरवाही रुकती नजर नहीं आ रही।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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