नदी में नहाने गए तीन बच्चे डूबे, दो भाइयों समेत तीनों बच्चों की मौत

नदी में नहाने गए तीन बच्चे डूबे, दो भाइयों समेत तीनों बच्चों की मौत

धार, राजेश डाबी| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) के धार (Dhar) जिले में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया| नदी में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत (Death) हो गई। तीनों बच्चे नदी में नहाने के लिए गए थे। पुलिस (Police) ने ग्रामीणों की मदद से तीनों बच्चों के शव को बाहर निकाला।

जानकारी के मुताबिक, घटना जिले के सादलपुर थाना इलाके के ग्राम केसूर की है| यहां नदी में डूबने से तीन बच्चों की माैत हो गई। तीनों ही बच्चे ईद मिलादुन्नबी के त्याेहार पर सादलपुर में जल महल के नजदीक स्थित मजार गए थे। इसी दौरान वे बागेड़ी नदी में नहाने के लिए उतर गए। गहरे पानी में जाने से तीनों बच्चे डूब गए| मृतकों में दो सगे भाई थे|

बच्चों को डूबते देख मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की। लेकिन नहीं बच पाए। इधर मौत की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया| ग्रामीणाें की मदद से बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाॅक्टराें ने उन्हें मृत घाेषित कर दिया। अनस पिता भूरू शाह (12), अतीक पिता भूरू शाह (15) और सोयल पिता फकीर मोहम्मद नदी में नहाते समय डूबने से मौत हो गई|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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