यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निष्पादन शुरू, ऑनलाइन मॉनिटरिंग, 24 घंटे कंपनी परिसर में भी तैनात रहेंगे सशस्त्र जवान

ट्रायल रन के बाद कंपनी के इंसिलेटर में बदलाव कर ऑटोमैटिक प्रक्रिया अपनाई गई है। सुरक्षा के लिए 24 घंटे कंपनी परिसर में सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे। पुलिस वाहन समय-समय पर गश्त करते रहेंगे।
Union Carbide Toxic Waste Disposal

Union Carbide Toxic Waste Disposal : धार के पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के 307 टन जहरीले कचरे का निष्पादन शुरू हो गया है। उच्च न्यायालय के आदेश पर पीथमपुर इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने 5 मई 2025 से यह कार्य प्रारंभ किया। कंपनी को 30 जून को स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में सबमिट करनी है

कचरे का निष्पादन ट्रायल रन 5 मई की शाम 7:42 बजे से शुरू हुआ। प्रति घंटे 270 किलोग्राम कचरे को नष्ट किया जा रहा है। कचरे से निकलने वाली गैसों की निगरानी के लिए ऑनलाइन कंटीन्यूअस मॉनीटरिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके परिणाम मध्य प्रदेश और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर पर देखे जा सकते हैं।

तीन जगह मॉनीटरिंग स्टेशन

चिमनी से निकलने वाले धुएं में पार्टिकुलेट मैटर, हाइड्रोजन क्लोराइड, सल्फर डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा मापी जा रही है। आसपास की हवा की गुणवत्ता की निगरानी के लिए तीन जगह मॉनीटरिंग स्टेशन लगाए गए हैं। तारपुरा में पहले से मौजूद स्टेशन के अलावा चीराखान और बजरंगपुरा में 4 मई को नए स्टेशन स्थापित किए गए हैं।

प्रक्रिया को पूरा होने में 55 दिन से अधिक का समय लगेगा

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी श्रीनिवास द्विवेदी के अनुसार नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। ऑनलाइन सिस्टम से लगातार निगरानी की जा रही है। प्रक्रिया को पूरा होने में 55 दिन से अधिक का समय लगेगा। ट्रायल रन के बाद कंपनी के इंसिलेटर में बदलाव कर ऑटोमैटिक प्रक्रिया अपनाई गई है। सुरक्षा के लिए 24 घंटे कंपनी परिसर में सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे। पुलिस वाहन समय-समय पर गश्त करते रहेंगे।

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धार से मो. अन्सार की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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