कैबिनेट मंत्री बने ‘अर्थशास्त्र के प्रोफेसर’, कॉलेज छात्रों को दिए टिप्स

कैबिनेट मंत्री बने ‘अर्थशास्त्र के प्रोफेसर’, कॉलेज छात्रों को दिए टिप्स

डिंडौरी। प्रकाश मिश्रा।

शासकीय चन्द्र विजय महाविघालय में महाविद्यालयीन छात्र छात्राओं के बीच मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री जनजाति कार्य विभाग ओमकार सिंह मरकाम पहुंचे। मंत्री मरकाम ने बच्चों को अर्थशास्त्र विषय पर कुछ खास टिप्स दिए। बता दें कि मंत्री ओमकार सिंह मरकाम इसी महाविद्यालय के छात्र रहे हैं।

मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि आज इस कॉलेज में आकर पुराने समय की यादें ताजा हो गई। मंत्री ओमकार सिंह मरकाम को अपने बीच पाकर कॉलेज के छात्र छात्रा भी बहुत प्रसन्न हुए।जहां छात्रों ने मंत्री मरकाम से खुलकर बात की वही मंत्री ओमकार मरकाम ने अर्थशास्त्र विषय का विस्तृत ज्ञान जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होना बताया छात्रों के बीच चर्चा करते हुए मंत्री ने काले धन को देश की बड़ी समस्या बताया कालेधन के विषय में छात्रों को जानकारी होनी चाहिए ऐसा मंत्री ओमकार सिंह मरकाम का मानना है। ओमकार सिंह ने मुद्रा स्फीति के बारे में अपने अंदाज और अपनी सहज भाषा में छात्र-छात्राओं को पढ़ाया। छात्रा पूनम वास्पे ने बताया कि मंत्री ओमकार सिंह ने मुद्रा स्फीति और कालाधन के विषय मे पढ़ाया वो आसानी से समझ मे आया और अच्छा लगा। उनका कहना है कि मौजूदा हालात में कालाधन का विषय महत्वपूर्ण है इसलिए उन्होंने छात्र-छात्राओं को अपनी भाषा में समझाया। ज्ञात हो मंत्री ओमकार सिंह मरकाम विगत कुछ दिनों से डिंडोरी प्रवास पर है ।अपनी सहज और सरल छवि के कारण वे छात्रों के बीच लोकप्रिय भी हैं।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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