कंप्यूटर बाबा बोले-नर्मदा को बचाना है तो रोकना होगा अवैध उत्खनन

कंप्यूटर बाबा बोले-नर्मदा को बचाना है तो रोकना होगा अवैध उत्खनन

डिंडौरी। प्रकाश मिश्रा।

मध्यप्रदेश में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त कंप्यूटर बाबा का डिंडोरी प्रवास हुआ ।नदी संरक्षण अभियान के तहत नर्मदा के तटों का भ्रमण करते हुए नर्मदा को अवैध उत्खनन से बचाने का संकल्प दोहराया। बता दें कि डिंडोरी नगर नर्मदा के दोनों तटों पर बसा हुआ है कंप्यूटर बाबा नर्मदा तट पर गए जहां उन्होंने नर्मदा जी का पूजन कर दर्शन किया नर्मदा के तट पर नौका विहार करते हुए चप्पू चलाया। कंप्यूटर बाबा ने भाजपा के पिछले 15 वर्ष के शासनकाल पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े किये ।कम्प्यूटर बाबा ने नर्मदा सेवा यात्रा के नाम पर किए गए पूर्ववर्ती सरकार के प्रयासों को छलावा बताया। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि 15 वर्षों में शिवराज सरकार ने जो कचरा फैलाया है उसे अब हमें साफ करना पड़ रहा है ।मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नर्मदा का सीना छलनी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नदियों में किए जा रहे अवैध उत्खनन और उपयोग में लाई जा रही मशीनों को पूर्णता बंद किए जाने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस की सरकार नदी संरक्षण की दिशा में प्रयास कर रही है सरकार की मंशा है कि ना गुंडाराज रहेगा ना माफियाओं की चाल कामयाब होगी। मध्य प्रदेश सरकार कड़े नियम बनाकर अवैध उत्खनन भू माफिया रेत माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश समस्त जिला प्रशासन को कर चुकी है। डिंडोरी प्रवास पर आए कंप्यूटर बाबा से मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने भी मुलाकात की। नदियों के संरक्षण तथा अवैध उत्खनन को रोकने के लिए सरकार के द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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