नर्मदा नदी के घाटों का होगा सौंदर्यीकरण, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा : तरुण भनोट

नर्मदा नदी के घाटों का होगा सौंदर्यीकरण, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा : तरुण भनोट

डिंडौरी।प्रकाश मिश्रा।
शहर में जिला योजना समिति की बैठक शहपुरा के इनडोर स्टेडियम में जिले के प्रभारी मंत्री और मध्य प्रदेश शासन के वित मंत्री तरुण भनोट की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमे केबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम, विधायक भूपेंद्र मरावी, जिला पंचायत की अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे, समिति के सदस्यों और जिले के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे |

बैठक में जिले की विकास योजनाओं के संबंध में की गई चर्चा और पारित प्रस्तावों की जानकरी देते हुए प्रभारी मंत्री ने बताया की जिले के विकास और सौन्द्रीयकरण की योजनाओं सहित शिक्षा, पेयजल, और रोजगार से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई ।जिले में होने वाली कोदो कुटकी की फसल की पैदावार बढ़ने के लिए किसानों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित कर इसकी खरीदी शासकीय स्तर पर धान और गेहूं की तर्ज पर करने के प्रस्ताव तैयार किये गए है। आज कोदो कुटकी की मांग अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हैं ऐसे में शासन स्तर से खरीदी होने पर क्षेत्र के किसानों को वाजिब दाम के साथ ही बिचौलियों के शोषण का शिकार होने से बच जायेगे |

शहपुरा क्षेत्र के विधायक भूपेंद्र मरावी ने शहपुरा में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक से शहपुरा क्षेत्र के विकास के लिए रखे गये अनेक मांगो को प्रस्तावित किये जाने से क्षेत्र में नर्सिग कॉलेज सहित शहपुरा और मेहंदवानी क्षेत्र में पेयजल संकट से निपटने के लिए करोड़ो रूपये के प्रस्ताव पर सहमति के साथ ही शहपुरा नगर के सौन्द्रीयकरण के साथ ही घुघवा फॉसिल्स पार्क को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की बात कही है |

वही जिला पंचायत की अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे ने योजना समिति की बैठक को औपचारिक बता क्षेत्र की समस्या के निदान पर किसी तरह की चर्चा नहीं करने आदिवासी विभाग में फर्जी नियुक्ति और फर्जीवाड़े के साथ ही अवैध उत्खनन और बजाग में अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों की रोजीरोटी छीनने के साथ ही समनापुर के अंडई गांव में खरमेर नदी पर बनाने वाले बांध का विरोध करने वाले ग्रामीण जो पिछले तीन दिनो से कड़कड़ती ठण्ड में ग्रामीण जन अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ खुले आसमान के निचे बंध स्थल पर धरने पर बैठे है उनकी समस्या के निदान पर किसी तरह की कोई चर्चा ना कर केवल औपचारिकता कर फिजूल खर्ची की गई है |

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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