अनिल कपूर संग इस सीन को करते वक्त अंजना सुखानी हो गई थी हैरान, जानें सलाम-ए-इश्क का यह किस्सा

बहुत कम ही फिल्म ऐसी रिलीज होती है, जिनमें ऐसी सीन नहीं फिल्म जाते पिछले काफी समय से इंडस्ट्री में काफी ज्यादा बदलाव आए हैं।
Anjana Sukhani

Anjana Sukhani : भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर एक्ट्रेस के बीच बोल्ड सीन आजकल बहुत आम बात हो चुका है। ऐसी सीन्स के बिना इन दिनों फिल्में नहीं बनाई जा रही है। बहुत कम ही फिल्म ऐसी रिलीज होती है, जिनमें ऐसी सीन नहीं फिल्म जाते पिछले काफी समय से इंडस्ट्री में काफी ज्यादा बदलाव आए हैं।

पहले के जमाने में बोल्ड सीन करने से परहेज किया जाता था लेकिन अब कर सकती देखना पसंद करते हैं।

सलाम-ए-इश्क का किस्सा

हालांकि, ऐसे सीन बहुत सीक्रेट जगह पर फिल्माए जाते हैं, ताकि एक्टर्स को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसी कड़ी में आज हम आपको सलाम-ए-इश्क फिल्म से जुड़ा एक किस्सा बताएंगे, जिसमें अनिल कपूर के साथ अंजना सुखानी का किसिंग सीन फिल्माया गया था।

स्क्रिप्ट में नहीं था जिक्र

दरअसल, अंजना सुखानी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत करते हुए खुलासा किया कि अनिल कपूर के साथ किसिंग सीन पहले से दी गई स्क्रिप्ट में कोई जिक्र नहीं था। अचानक इस डिमांड से वह हैरान हो गई थी। उन्होंने बताया कि इस सीन के लिए खुद को मेंटली प्रिपेयर करने का भी उन्हें समय नहीं मिला था। हालांकि, इंडस्ट्री में न्यू कमर होने के कारण वह उस वक्त कुछ भी नहीं कर पाई थी।

घबरा गई थी एक्ट्रेस

एक्ट्रेस ने बताया कि फिल्म में इस सीन को शूट किया जाना था, लेकिन आखिरी वक्त तक मुझे नहीं बताया गया था। जब तक हम सेट पर सीन करने पहुंचे और ना ही मैं इस बारे में किसी से कोई प्रश्न करने की स्थिति में थी। मैं घबरा गई थी हैरान थी, मेरे पास ऐसा कोई नहीं था जिससे मैं बात कर सकूं।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
Sanjucta Pandit

सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
Follow Us :GoogleNews