अपनी कॉमेडी से दर्शकों को हंसाने वाले अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों कानूनी और आर्थिक मुश्किलों से घिरे हुए हैं। करोड़ों रुपये के एक पुराने चेक बाउंस मामले में उन्हें जेल की सजा काटनी पड़ रही है। हालांकि, इस संकट के समय में फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग उनके समर्थन में आगे आए हैं, जिनमें सबसे प्रमुख नाम उनके करीबी दोस्त और निर्देशक प्रियदर्शन का है। प्रियदर्शन ने न केवल राजपाल को अपनी अगली फिल्म में काम दिया है, बल्कि उनकी आर्थिक मदद के लिए फीस बढ़ाने का भी फैसला किया है।
आखिर क्या है 9 करोड़ का यह पूरा मामला?
यह मामला साल 2012 में आई राजपाल यादव की फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है। इस फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने एक फाइनेंसर से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रही, जिसके कारण राजपाल यादव यह कर्ज चुकाने में असमर्थ रहे।
कर्ज की रकम वापस न मिलने पर फाइनेंसर ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कई बार चेक बाउंस होने के बाद नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत उन्हें दोषी ठहराया गया और आत्मसमर्पण करने को कहा गया। समय के साथ ब्याज और जुर्माने को मिलाकर यह बकाया राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई, जिसे चुका न पाने के कारण उन्हें तिहाड़ जेल जाना पड़ा। सोमवार को इस मामले में अगली सुनवाई होनी है।
प्रियदर्शन बोले- ‘हम उन्हें बचाना चाहते हैं’
राजपाल यादव के साथ ‘मलामाल वीकली’, ‘भागम भाग’, ‘भूल भुलैया’ और ‘दे दाना दान’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम कर चुके प्रियदर्शन ने इस मुश्किल वक्त में उनका साथ देने का ऐलान किया है। उन्होंने इस मामले पर बात करते हुए एक इंटरव्यू में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
“मैं उन्हें 20 साल से ज्यादा समय से जानता हूं। मैंने अपनी अगली फिल्म के निर्माताओं से कहा कि राजपाल की स्थिति को देखते हुए उन्हें उनकी फीस से अधिक भुगतान करें। हम उन्हें बचाना चाहते हैं। निर्माता इस बात पर सहमत हो गए हैं। राजपाल मेरी फिल्म में खलनायक की भूमिका निभा रहे हैं। बेचारे ने अपनी कम शिक्षा की वजह से गलती कर दी। राजपाल एक नेक इंसान है।”- प्रियदर्शन
प्रियदर्शन ने यह भी बताया कि उन्हें राजपाल की समस्याओं के बारे में पता था और इसीलिए वे लगातार उन्हें अपनी फिल्मों और विज्ञापनों में काम देते रहे ताकि उनकी आर्थिक मदद हो सके। बॉलीवुड के अन्य दिग्गजों द्वारा भी राजपाल यादव को मदद की पेशकश किए जाने की खबरें हैं।





