गुजरात में रविवार को गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बड़ी पहल की है। गांधीनगर में कई केंद्र और राज्य मंत्रियों की मौजूदगी में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) आधारित आधुनिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लॉन्च किया गया है। इसके अलावा गृहमंत्री ने 5 अन्य योजनाओं का लोकार्पण भी किया है। उन्होंने कहा कि, “नए सिस्टम से राशन वितरण व्यवस्था ट्रांसपेरेंट होगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मिनिमम गवर्नमेंट एंड मैक्सिमम गवर्नेंस’ को बढ़ावा मिलेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि, ” इस सिस्टम से संपूर्ण रूप से भ्रष्टाचार खत्म होगा और पारदर्शी तरीके से गरीबों को अनाज मिलेगा। डिजिटल सिस्टम लागू होने से कोई भी बिचौलिया गड़बड़ी नहीं कर पाएगा। राशन सीधे लाभार्थियों को मिलेगा।” इसके अलावा अमित शाह ने कांग्रेस पर किसानों को गुमराह करने के आरोप भी लगाए।
“डिजिटल इंडिया” विजन के तहत गुजरात खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा नई राशन वितरण प्रणाली शुरू की गई है। यह आरबीआई द्वारा अधिकृत सीबीडीसी प्लेटफार्म पर काम करेगा। इसे पंजाब नेशनल बैंक द्वारा विकसित किया गया है। पायलट प्रोजेक्ट में अहमदाबाद के साबरमती जोन के साथ-साथ सूरत, आनंद, और वलसाड में 26000 से अधिक परिवारों को शामिल किया गया है।
डिजिटल वॉलेट में कूपन, QR कोड से भुगतान
इस नई प्रणाली के तहत एनएफएसए लाभार्थियों को उनके डिजिटल वॉलेट में सीबीडीसी कूपन प्राप्त होंगे और एफपीएस दुकानों पर QR स्कैन करके ही भुगतान की सुविधा उपलब्ध होगी। स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले लाभार्थी QR कोड के जरिए भुगतान कर पाएंगे। जो लोग फीचर फोन का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें आधार आधारित सत्यापन प्रणाली के तहत ओटीपी प्राप्त होगा। रियल टाइम देता इंटीग्रेशन से लाभार्थी संचालक और सरकारी डिजिटल प्लेटफार्म से जुड़ पाएंगे।
इन योजनाओं की भी हुई शुरुआत
एनएफएसए लाभार्थी को 1 किलो ग्राम की सुरक्षित पैकेजिंग में उच्च गुणवत्ता वाली तुवर दाल और चना का वितरण भी शुरू किया गया है। इसके अलावा आधुनिक अन्नपूर्ति ग्रीन एटीएम की शुरुआत की गई है। जिससे नागरिकों को राशन प्राप्त करने की सुलभ सुविधा मिलेगी। यह 24 घंटे काम करेगा। 35 सेकंड के भीतर 25 किलोग्राम तक अनाज वितरित करने की क्षमता होगी।
पोषण के संकल्प को सिद्ध करते हुए नर्मदा जिले के गरुड़ेश्वर तालुका में गरिमा पोषण अभियान के लिए सहायक राशि चेक अर्पण किया गया है। कुपोषण की समस्या से निपटाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस परियोजना में दो आंगनबाड़ियों की स्थापना और किशोरी और गर्भवती महिलाओं के लिए लक्षित स्वास्थ्य हस्तक्षेप भी शामिल हैं। इसके अलावा उपभोक्ता अधिकारों को CERC और केयर एज रेटिंग के साथ MoU किए गए हैं।
जो PM गरीब कल्याण अन्न योजना देश के गरीबों के कल्याण का माध्यम बनी है, वह टेक्नोलॉजी से संपन्न होकर और भी अधिक पारदर्शी बनने जा रही है। गांधीनगर (गुजरात) में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित सार्वजनिक वितरण व्यवस्था का शुभारंभ किया। इससे देश भर में PDS आधुनिक व सरल बनेगा… pic.twitter.com/5E0GYhyT4Q
— Amit Shah (@AmitShah) February 15, 2026
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन को साकार करते हुए आज गांधीनगर में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी द्वारा केंद्र और राज्य के मंत्रीगण की उपस्थिति में Central Bank digital currency (CBDC) आधारित आधुनिक सार्वजनिक वितरण… pic.twitter.com/epnUQnycrV
— Bhupendra Patel (@Bhupendrapbjp) February 15, 2026





