टैक्सी, घर गिरवी और पैसों की तंगी की खबरों पर गोविंदा के मैनेजर का बड़ा बयान

गोविंदा के दिवालिया होने, घर गिरवी रखने और पैसों के लिए स्कूलों में डांस करने की खबरों के बीच मैनेजर ने तोड़ी चुप्पी, बताया असली सच क्या है और आगे एक्टर के करियर में क्या बड़ा होने वाला है।
Govinda

कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक ही नाम बार-बार ट्रेंड कर रहा है, गोविंदा। कभी खबर आती है कि वे आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं, कभी कहा जाता है कि उन्होंने अपना घर गिरवी रख दिया है, तो कभी यह चर्चा होती है कि पैसों की कमी के कारण वे छोटे आयोजनों और स्कूलों में डांस परफॉर्मेंस कर रहे हैं।

इन खबरों ने फैंस को हैरान कर दिया। 90 के दशक में बॉलीवुड पर राज करने वाले इस सुपरस्टार के बारे में ऐसी बातें सुनकर हर कोई चौंक गया। लेकिन अब इन तमाम चर्चाओं के बीच गोविंदा के लंबे समय से मैनेजर रहे शशि सिन्हा ने सामने आकर पूरा सच बताया है और कई अफवाहों को गलत ठहराया है।

क्या सच में दिवालिया हो गए हैं गोविंदा?

पिछले कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर लगातार यह चर्चा चल रही थी कि गोविंदा की आर्थिक हालत ठीक नहीं है और वे दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। इस चर्चा ने तब जोर पकड़ा जब उन्हें एयरपोर्ट पर टैक्सी लेते देखा गया।

कई लोगों ने तुरंत निष्कर्ष निकाल लिया कि शायद अब उनके पास खुद की कार तक नहीं बची। लेकिन मैनेजर शशि सिन्हा ने साफ कहा कि इसका पैसों की तंगी से कोई लेना-देना नहीं था।

उनके मुताबिक उस समय एयरपोर्ट परिसर में निजी गाड़ियों की एंट्री की अनुमति नहीं थी, इसलिए टैक्सी लेनी पड़ी। उन्होंने कहा कि गोविंदा के पास आज भी कई गाड़ियां मौजूद हैं और दिवालिया होने की बातें पूरी तरह निराधार हैं।

घर गिरवी रखने की बात में कितनी सच्चाई?

सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हुई कि गोविंदा को अपना घर गिरवी रखना पड़ा। इस पर भी शशि सिन्हा ने सफाई दी और कहा कि कहानी को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि गोविंदा हमेशा से मदद करने वाले इंसान रहे हैं। कई मौकों पर उन्होंने अपनी जमा पूंजी से लोगों की मदद की। जरूरतमंदों के लिए उन्होंने अपनी एफडी तक तोड़ी और फंड उपलब्ध कराया।

हालांकि, इस दौरान कुछ आर्थिक दबाव जरूर आए, जिसके चलते उन्हें लोन लेना पड़ा और घर को गिरवी रखना पड़ा। लेकिन यह स्थिति स्थायी आर्थिक बर्बादी नहीं थी, बल्कि दूसरों की मदद करने का नतीजा थी।

स्कूल और छोटे इवेंट्स में डांस करना क्या मजबूरी है?

एक और खबर तेजी से फैल रही थी कि गोविंदा पैसों की कमी के कारण स्कूलों और छोटे आयोजनों में परफॉर्म कर रहे हैं। इस पर भी मैनेजर ने स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि परफॉर्म करना गोविंदा का पेशा है। अगर वे किसी इवेंट में जाते हैं या डांस करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि वे आर्थिक संकट में हैं। आज भी लोग उन्हें मंच पर देखने के लिए उत्साहित रहते हैं। आयोजक उन्हें खास तौर पर बुलाते हैं क्योंकि उनकी लोकप्रियता अभी भी बरकरार है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews