‘धुरंधर’ ने जीता ऋतिक का दिल, लेकिन क्यों कहा की इसकी पॉलिटिक्स मेरी समझ से परे है

रणवीर सिंह की धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ते हुए बॉलीवुड में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इसी बीच ऋतिक रोशन के रिव्यू ने हलचल बढ़ा दी है, जहां उन्होंने फिल्म की तारीफ भी की और इसके राजनीतिक पक्ष पर असहमति भी जताई।
Dharundhar

रणवीर सिंह की हालिया रिलीज धुरंधर इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। सिर्फ पांच दिनों में लगभग 160 करोड़ रुपये के कलेक्शन के बाद यह फिल्म न सिर्फ कमाई में बल्कि सिनेमैटिक डिस्कशन में भी ट्रेंड कर रही है। आलोचकों से लेकर दर्शकों तक, हर कोई इसकी टेक्निकल क्वालिटी और कहानी कहने के अंदाज़ की तारीफ कर रहा है। इसी बीच जब बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन ने सोशल मीडिया पर फिल्म का रिव्यू शेयर किया, तो माहौल और दिलचस्प हो गया, क्योंकि उनकी बातों में तारीफ भी थी और एक नर्म-सी आलोचना भी।

ऋतिक का यह रिव्यू इसलिए खास है क्योंकि वह फिल्मों को केवल दर्शक की तरह नहीं, बल्कि एक स्टूडेंट ऑफ सिनेमा की नज़र से देखते हैं। उन्होंने धुरंधर की कहानी कहने की कला की खुलकर तारीफ की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि वे इसकी पॉलिटिक्स यानी राजनीतिक प्रस्तुति से सहमत नहीं हैं। उनका यह संतुलित लेकिन असरदार बयान अब सोशल मीडिया और फिल्म सर्किल में बहस का गर्म मुद्दा बन चुका है।

ऋतिक रोशन का ‘धुरंधर’ रिव्यू

ऋतिक रोशन ने धुरंधर पर अपनी प्रतिक्रिया बेहद ईमानदारी और संवेदनशीलता से लिखी। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी फिल्में पसंद आती हैं जो दर्शक को एक भंवर में ले जाएं, जहां कहानी खुद अपने-आप को सामने लाती चली जाए। उनके शब्दों में जो गहराई है, वह दिखाता है कि वह सिनेमा को कितनी बारीकी से समझते हैं। उन्होंने लिखा कि धुरंधर पूरी तरह एक शानदार उदाहरण है कि एक फिल्ममेकर अपने यकीन और जुनून के साथ कैसा कमाल कर सकता है। उन्होंने कहा कि फिल्म की कथा शैली, विजुअल ट्रीटमेंट और डायरेक्शन उन्हें सिनेमा की आत्मा जैसा महसूस हुई।

लेकिन फिर उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म की राजनीतिक व्याख्या से वह सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि एक नागरिक की हैसियत से फिल्मनिर्माताओं को कुछ जिम्मेदारियां निभानी चाहिए और धुरंधर के कुछ हिस्सों में वह संतुलन उन्हें खटकता है। फिर भी, वह फिल्म की क्रिएटिविटी से इतने प्रभावित हुए कि इसे वे अपने लिए सीखने का अनुभव कहते हैं। यह बात उनके रिव्यू को ईमानदार और चर्चा लायक बनाती है।

वॉर के डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद भी हुए इम्प्रेस

सिर्फ ऋतिक ही नहीं, बल्कि वॉर और पठान जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के निर्देशक सिद्धार्थ आनंद भी धुरंधर से बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि यह फिल्म नशा है, एक ऐसा नशा जो आपको पकड़कर रखता है और छुड़ाता नहीं। सिद्धार्थ ने आदित्य धर की डायरेक्शन स्टाइल की भरपूर तारीफ की और कहा कि यह फिल्म हर विभाग ऐक्टिंग, सिनेमाटोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर, स्क्रीनप्ले सबको अपने चरम पर पहुंचाती है। उनकी नजर में यह फिल्म उस जुनून का नतीजा है जिसे एक डायरेक्टर पूरी टीम में भर देता है। उन्होंने यहां तक कहा कि वह इसे दोबारा थिएटर में देखने जा रहे हैं, और यह उनके लिए बेहद दुर्लभ है कि कोई फिल्म उन्हें इतना खींच ले।

बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर’ का तूफान

फिल्म की कमाई भी यह साबित कर रही है कि धुरंधर सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक अनुभव है जिसे दर्शक बार-बार महसूस करना चाहते हैं। रिलीज के पहले दिन से ही इसकी ओपनिंग मजबूत रही और पांचवें दिन तक इसका कुल कलेक्शन करीब 160 करोड़ पहुंच गया। दर्शकों की प्रतिक्रिया भी इसकी सफलता का साफ संकेत देती है लोग फिल्म की परफॉर्मेंस, विजुअल ट्रीटमेंट और दमदार संवादों से काफी प्रभावित हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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