दिल को चाहिए सुकून तो सुने AR रहमान के ये सदाबहार गानें, खुद को मस्ती करने से नहीं पाएंगे रोक

रहमान का फकीर, दरगाह और इस्लाम के प्रति आस्था बढ़ गई और आखिर में रहमान ने 23 साल की उम्र में धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम धर्म को अपना लिया। वहीं, उनके पिता आरके शेखर मलयालम फिल्मों के फेमस म्यूजिक अरेंजर थे।
AR Rahman

AR Rahman : ऑस्कर विजेता AR रहमान ने अपनी करियर में एक-से-बढ़कर-एक सुपरहिट गाने दिए। उन्होंने अपने अभिनय के दम पर लाखों लोगों के दिलों पर राज किया। तो चलिए आज के इस खास मौके पर हम आपको उनके जीवन से जुड़ी कुछ महत्तवपूर्ण बातें बताएंगे, जिसे सुनकर आपको भी अचंभा होगा। एआर रहमान का असली नाम ‘दिलीप चंद्रशेखर’ है। उनका जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था। रहमान को संगीत विरासत में मिली है।

आज पूरी दुनिया में ए आर रहमान के नाम से झंडे गाड़ने वाले सिंगर के गाने लोगों को मुंह जुबानी याद रहती है। उनका गाना आज भी सबकी जुबां पर चढ़कर बोलता है। इनमें से कुछ गाने ऐसे हैं जो कि सदाबहार हैं। इसे एक बार सुनने के बाद यह हमेशा गुनगुनाने का ही मन करता है।

AR रहमान के हिट गाने

  • रोजा फिल्म का गाना “चिन्ना चिन्ना आसाई” गाना बहुत ही ज्यादा फेमस और हिट रहा है। इस गाने को आप जितनी बार भी सुन लें, आपको इतनी बार ही सुकून मिलेगा।
  • इसके अलावा, फिल्म दिल से में ए आर रहमान ने दो गाने गए, जो काफी ज्यादा हिट रहे हैं। जिनमें “छैया छैया” और “जिया जले” सॉन्ग शामिल है। इसे आप जितनी बार भी सुन लें, उतना ही और अधिक सुनने का मन करता है।
  • कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर “ताल से ताल मिला” गाना काफी ज्यादा ट्रेंड कर रहा था। यह गाना आज भी लोगों की जुबां पर है। इसे सुनने से दिल और दिमाग को सुकून मिलता है।
  • वहीं, “राधा कैसे न जले” फिल्म लगान का गाना भी काफी ज्यादा सुपरहिट रहा है। इसे लोग आज भी अपनी प्लेलिस्ट में रखते हैं।
  • कुछ दिन पहले रणबीर कपूर की फिल्म रॉकस्टार ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इसमें कौन पाया कौन को ए आर रहमान ने आवाज दी थी। उनकी जादू इस कदर लोगों पर चली कि आज भी यह गाना लोग काफी चाव से सुनते हैं।

AR रहमान की पर्सनल लाइफ

रहमान की ऑफिशियल बायोग्राफी ‘नोट्स ऑफ ए ड्रीम’ से पता चला कि जीवन के उस बुरे दौर में उनकी बहन को एक गंभीर बीमारी ने घेर लिया था। काफी इलाज के बाद भी उसके स्वास्थ पर ज्यादा असर नहीं पड़ रहा था। तभी रहमान की मां एक मुस्लिम फकीर से मिली और फिर क्या फकीर की दुआ से रहमान की बहन स्वस्थ हो गई। इसके बाद रहमान का फकीर, दरगाह और इस्लाम के प्रति आस्था बढ़ गई और आखिर में रहमान ने 23 साल की उम्र में धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम धर्म को अपना लिया। वहीं, उनके पिता आरके शेखर मलयालम फिल्मों के फेमस म्यूजिक अरेंजर थे। अपने पिता के साथ वो वे म्यूजिक स्टूडियो में घंटों बिताते थे। इस दौरान उन्होंने कई म्यूजिक इक्विपमेंट भी बजाना सीखा लेकिन इसी बीच उनके पिता की मौत हो गया जिस वक्त वो बहुत कम उम्र के थे।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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